किशोर साहू:मौदा :- सोमवार (ता. 28 सितंबर) को मौदा तालुका के कोदामेंढी में आयोजित आयटक की मिटिंग में आयटक कार्यकारिणी का गठन किया गया । जिसमे 100 से भी ज्यादा महिलाओ की उपस्थिति में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया और कार्यकरिणी का गठन किया गया| जिसमे अध्यक्ष मीनाक्षी सुनिल डहाके ICRP इंदोरा इनको मनोनीत किया गया ।
सचिव निशा सुनिल वैद्य ICRP बाबदेव इनको चुना गया|
उपाध्यक्ष काजल सुभाष वानखेड़े CTC इनको चुना गया|
कोषाध्यक्ष निकिता शरद लोहबरे ICRP इनको चुना गया|
सहसचिव सुजाता कड़ू इनको सर्व सम्मति से नियुक्त किया गया है ।
सभी महिलाओं की एकजुटता को देखते हुए मनोनीत अध्यक्ष डहाके ने कहा कि जो जिम्मेदारी मुझे मेरी बहनो ने सौपी है उसे पूरी जिम्मेदारी से निभाने की कोशिश करूंगी और महिलाओं की मांगो को लेकर शासन – प्रशासन से मोर्चा आंदोलन के माध्यम से आयटक संघटन के बेनर तले अपनी मांगे पूरी करने के लिए मै महिलाओं के साथ पूरा प्रयास करूंगी | क्यूकि जिस संघटन का झंडा लेकर हम मैदान में उतरे हैं वो १00 वर्षो से भी अधिक समय से असंगठित क्षेत्र के कामगारो को न्याय दिलाने काम कर रही है और आज जो परिस्थित है उसे देखते हुए हमारे पास करो या मरो के शिवाय कोई रास्ता नहीं बचा है |
इसी क्रम में सचिव निशा वैद्य ने कहा कि पानी अब सिर के ऊपर हो गया है और अब आर या पार की लड़ाई लड़नी है अभी नही तो कभी नही की बात कहते हुए बताया कि हम पिछले कई वर्षों से शासन के उमेद अभियान में काम कर रहे है| हम लोग गांव की महिलाओ को शासन कि योजनाओ के मार्फत उनको उपजिविका देकर उनको स्वावलंबी बनाकर लखपति दीदी बनाने का काम करते हैं और हम खुद भिखारी दीदी चूंकि हमारा मानधन सिर्फ सिर्फ 3000 रुपए( तीन हजार रूपए )है| जिससे हमारे परिवार का पालन पोषण करना बहुत मुश्किल होता है और अब हमारी मांग है जैसा कि शासन का न्यूनतम मानधान होता है 21000 इसकी लड़ाई हम सब मोर्चा आंदोलन करके उग्र और तीव्र आंदोलनों से लेकर रहेंगे |आज जब महिला सशक्तिकरण की बात राज्य – और केन्द्र करती है तो फिर हमारे साथ ये अन्याय पूर्ण रवैया क्यू जब कि हम सारे केडर 24X7 काम करते हैं । शासन को गांव का सारा डाटा जमा करके गर्वमेन्ट के पोर्टल पर अपलोड करते हैं जिससे सरकार के पास ग्रामीण क्षेत्रों की सारी जानकारी उपलब्ध होती है और कहा कि हम स्वतंत्र है और स्वतंत्र संघटन के साथ लड़ाई लड़कर अपनी मांगे पूरी करवाएंगे|
उपाध्यक्ष काजल वानखेड़े ने बताया कि पुरे राज्य में पिछले 1 महिने से काम बंद आंदोलन जारी है और इस लड़ाई का शंखनाद 03/10/2026 को नागपुर से होने जा रहा है नेहरू पार्क से लेकर संविधान चौक तक 5 किमी दूर तक यह विशाल मोर्चा हजारो की संख्या मे होने जा रही है । कार्यकारिणी की बाकि सदस्यो ने महिलाओ का आभार जताया और धन्यवाद दिया कि एक से अनेक होने की प्रक्रिया मे आपकी भागीदारी सुनिश्चित किया | तालुका की सीनियर केडर ने भी नव नियोजित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा कि मौदा तालुका की शेरनियो ने जो दहाड़ लगाई है उसकी गुंज जिले में ही नहीं पूरे राज्य में सुनाई देगी और ये बगावत का बिगुल बज चुका है और बाकी के तालुका और जिले मे एक प्रेरणा देनी की चिंगारी का काम करेगी |
इस अवसर पर श्वाती डोरले, किरण बावने, पोर्णिमा सव्वालाखे, भारती तांडेकर, मंगला वासनिक, प्रांजली भुते, अनिता मिरासे, संगीता जगनाड़े, जोशिका हटवार ,राजकुमारी कछवाह, माधुरी महादुले, भारती चौधरी, प्राजक्ता चौहान, सविता ऊके, हिरा चकोले अन्य महिलाएं उपस्थित थी| कार्यक्रम का संचालन शारदा संजय बिंझाड़े ने करते हुए कहा कि हम भारत की नारी है फूल नहीं चिंगारी है | आवाज दो हम सब एक हैं ।
संघर्षो के साए में असली आजादी पलती है और इतिहास उधर मुड़ जाता है जिस ओर महिलाएं चलती है | सारे जिले और राज्य की महिला केडर को आव्हान किया ।
आयटक जिंदाबाद, संघर्ष जिंदाबाद, इंकलाब जिंदाबाद के नारे देकर कार्यक्रम का समारोप किया गया|


