– लाखों रुपये की महंगी कोचिंग के बिना स्व-अध्ययन से NEET परीक्षा उत्तीर्ण; खापा के युवक की प्रेरणादायी सफलता की कहानी
खापा, संवाददाता :- दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और कड़ी मेहनत के बल पर विपरीत परिस्थितियों को मात देकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है, यह खापा निवासी ओम चंदू ठवरे ने साबित कर दिखाया है। कोरोना महामारी का संकट और इसी दौरान करीबी रिश्तेदारों का निधन जैसी कई कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए भी उन्होंने अपनी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखी। किसी भी महंगी निजी कोचिंग का सहारा लिए बिना स्व-अध्ययन के बल पर NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर उन्होंने मेडिकल शिक्षा के लिए पात्रता हासिल की। इसके बाद गोंदिया स्थित मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त कर उन्होंने डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। उनकी इस सफलता पर खापा शहर में सर्वत्र उनकी सराहना की जा रही है।
“पारिवारिक दुखों पर मात कर पढ़ाई में बनाए रखी निरंतरता”
कोरोना महामारी के दौरान जब चारों ओर भय और अनिश्चितता का माहौल था, उसी समय ओम को भी पारिवारिक दुखों का सामना करना पड़ा। कुछ समय के अंतराल में उनके चाचा और उसके बाद दादाजी का निधन हो गया। एक ओर परिवार में दुखद घटनाएं, तो दूसरी ओर मेडिकल प्रवेश के लिए आवश्यक NEET परीक्षा की तैयारी—ऐसी दोहरी चुनौतियों का उन्होंने धैर्यपूर्वक सामना किया। विपरीत परिस्थितियों से हताश होने के बजाय उन्होंने अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया और अपने लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहे।
“स्व-अध्ययन के बल पर हासिल की सफलता”
विशेष बात यह है कि लाखों रुपये खर्च कर बड़े कोचिंग संस्थानों से मार्गदर्शन लेने के बजाय ओम ने स्व-अध्ययन के बल पर NEET परीक्षा उत्तीर्ण की। उनकी यह सफलता आत्मविश्वास, मेहनत और निरंतर प्रयासों के महत्व को रेखांकित करती है। उन्होंने साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी अपनी लगन और परिश्रम के दम पर बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।
“युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत”
खापा जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश पाने वाले ओम ठवरे ने शहर के विद्यार्थियों और युवाओं के सामने एक प्रेरणादायी आदर्श प्रस्तुत किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता पर उनका अभिनंदन किया जा रहा है और उनके उज्ज्वल भविष्य एवं आगामी चिकित्सा करियर के लिए शुभकामनाएं दी जा रही हैं।
विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए हासिल की गई ओम ठवरे की यह सफलता निश्चित रूप से अनेक विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो और मेहनत करने का जज्बा हो, तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता प्राप्त की जा सकती है।








