– बोर में बढ़ा बाघों का जलवा, पर्यटकों को मिल रहे बाघों के दीदार
नागपुर :- बोर टाइगर रिजर्व के ढगा बफर क्षेत्र में इन दिनों दो युवा बाघों ‘वज्र’ और ‘अघोर’ का जलवा देखने को मिल रहा है। जंगल के सफारी मार्गों पर बेखौफ अंदाज में विचरण करते इन बाघों को देखकर पर्यटक रोमांचित हो रहे हैं। बाघों की आसानी से दिखाई देने वाली मौजूदगी ने इस क्षेत्र को वन्यजीव प्रेमियों और वन्यजीव छायाकारों के बीच खासा लोकप्रिय बना दिया है। इससे बोर टाइगर रिजर्व में पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
करीब एक वर्ष पहले सफारी के लिए शुरू किए गए ढगा बफर क्षेत्र में हाल के दिनों में बाघों के दीदार के अवसर बढ़े हैं। नागपुर और वर्धा से नजदीकी के कारण यह क्षेत्र कम समय में जंगल सफारी का रोमांच अनुभव करने वालों के लिए भी पसंदीदा विकल्प बनता जा रहा है। वज्र और अघोर की मौजूदगी ने यहां के वन्यजीव पर्यटन को नई पहचान दी है।
पार्वती और विराट की संतान हैं दोनों बाघ
ढगा बफर क्षेत्र की प्रसिद्ध बाघिन पार्वती (टी-60) और प्रभावशाली नर बाघ विराट के तीन शावक हैं। इनमें करीब 16 से 17 माह के वज्र और अघोर इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। जंगल की पगडंडियों और सफारी मार्ग पर उनकी शाही चाल तथा दमदार अंदाज पर्यटकों को रोमांचित कर रहा है।
दोनों युवा बाघों की सक्रिय मौजूदगी वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए भी आकर्षक अवसर उपलब्ध करा रही है। उनके प्राकृतिक व्यवहार और जंगल में विचरण के दृश्य कैमरे में कैद करने के लिए फोटोग्राफर उत्साहित हैं।
सफारी मार्ग पर दिखा दोनों का ‘रोड शो’
हाल ही में जंगल सफारी के दौरान वज्र और अघोर सफारी मार्ग पर साथ विचरण करते नजर आए। वाइल्ड फोटोग्राफर नितिन बरापात्रे और पीयूष आकरे ने दोनों युवा बाघों की इन आकर्षक गतिविधियों को अपने कैमरों में कैद किया।
इन तस्वीरों में बाघों की खूबसूरती, उनकी शाही चाल और प्राकृतिक व्यवहार की झलक देखने को मिली। वज्र और अघोर की बढ़ती लोकप्रियता से ढगा बफर क्षेत्र वन्यजीव पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में उभर रहा है। दोनों युवा बाघों की मौजूदगी आने वाले समय में बोर टाइगर रिजर्व की लोकप्रियता को और बढ़ा सकती है।








