– बंधक बनाकर रखने का आरोप, झोपड़ी के आसपास बिजली का करंट छोड़ा
नागपुर/सावनेर :- नागपुर जिले के सावनेर तहसील के आजनी और खर्डुका गांवों से गन्ना कटाई के काम के लिए बीड जिले के माजलगांव क्षेत्र में गए 10 मजदूरों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है। मजदूरों को खेत में बनी झोपड़ी में रखकर सुबह 4 से रात 8 बजे तक काम कराने और उनके भागने से रोकने के लिए रात में झोपड़ी के आसपास बिजली का करंट छोड़ने के आरोप सामने आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता हितेश बंसोड ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर मामले में हस्तक्षेप किया और स्वयं माजलगांव पहुंचकर मजदूरों को वापस लाने की जिम्मेदारी उठाई।
जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को मजदूरों को लेने के लिए टाटा एस वाहन आजनी गांव पहुंचा था। इसके बाद मजदूरों को मनसर ले जाया गया, जहां पहले से मौजूद दो अन्य मजदूर भी उनके साथ शामिल हुए। भोजन के बाद उसी रात यात्रा शुरू हुई। मजदूरों को मनसर से करीब 50 किलोमीटर दूर ले जाने की बात कही गई थी, लेकिन उन्हें बीड जिले के माजलगांव क्षेत्र में तेलगांव खुर्द पुलिस थाना अंतर्गत ले जाया गया। आरोप है कि मजदूरों को खेत की झोपड़ी में रखकर आठ अलग-अलग खेतों में गन्ना कटाई का काम कराया जा रहा था। उन्हें सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक काम करना पड़ता था। मजदूर भाग न सकें, इसलिए उन पर नजर रखी जाती थी और रात में झोपड़ी के आसपास बिजली का करंट छोड़े जाने की बात भी सामने आई है। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
आधी रात को हितेश बंसोड ने की पहल
मजदूरों ने अपने परिजनों को वहां की स्थिति बताई, जिसके बाद परिवार के लोग मदद के लिए सावनेर पुलिस थाने पहुंचे। अपेक्षित सहायता नहीं मिलने पर उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता हितेश बंसोड से संपर्क किया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए बंसोड ने रात करीब 2.30 बजे पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सावनेर के एसडीपीओ आईपीएस सागर खर्डे को मामले की जानकारी दी और परिजनों की उनसे फोन पर बात भी कराई। विधायक डॉ. आशीष देशमुख को भी घटना से अवगत कराया गया।
18 अक्टूबर को बंसोड ने नागपुर ग्रामीण के अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के से संपर्क कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद सावनेर पुलिस थाने के पीएसआई बालू राठोड़ ने मामले में कार्रवाई शुरू की। मजदूरों को ले जाने वाले व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। पूछताछ के दौरान मनसर की एक महिला की भूमिका सामने आने की जानकारी भी दी गई। संबंधित महिला से संपर्क कर माजलगांव क्षेत्र में मौजूद मजदूरों को पुलिस थाने लाने के लिए कहा गया।
माजलगांव पहुंचकर मजदूरों को वापस लाए
18 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे सभी 10 मजदूरों के माजलगांव पुलिस थाने पहुंचने की जानकारी बंसोड को मिली। इसके बाद वह स्वयं माजलगांव पहुंचे, मजदूरों से मुलाकात की और उन्हें अपने वाहन से सावनेर वापस लाने के लिए रवाना हुए। इस कार्रवाई के लिए बंसोड ने अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के का विशेष आभार व्यक्त किया। सावनेर नगर परिषद के उपाध्यक्ष राजू घुगल ने भी संकट में फंसे मजदूरों की सहायता के लिए किए गए प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
सुरक्षित छुड़ाए गए मजदूर
सुरक्षित छुड़ाए गए मजदूरों में आजनी, तहसील सावनेर, जिला नागपुर के गोलू चचाने, अनिल नराटे, अक्षय कातकडे, प्रकाश इरपाची, अश्विन राऊत, निकेश नेहारे, निलेश इरपाची और अजय कातकडे के अलावा खर्डुका, तहसील सावनेर, जिला नागपुर के सुधीर राजूके, नितिन वाघाडे का समावेश है। पांच अन्य मजदूरों के फंसे होने की जानकारी
बंसोड ने प्रशासन से मांग की है कि बाहर के जिलों में गन्ना कटाई के लिए जाने वाले मजदूरों का संबंधित पुलिस थानों में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, मजदूरों के साथ कथित अन्याय की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।








