– मानापुर के डिगी मैदान में उमड़ी बच्चों और नागरिकों की भारी भीड़
सचिन चौरसिया, रामटेक :- भगवान श्रीराम के चरणस्पर्श से पावन हुई ऐतिहासिक रामनगरी रामटेक में विजयादशमी के अवसर पर पारंपरिक रावण वध समारोह बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंगलवार, 20 अक्टूबर को शहर से सटे मानापुर के डिगी मैदान में आयोजित इस समारोह को देखने के लिए बच्चों सहित हजारों नागरिकों की भीड़ उमड़ी। आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े देश के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में रामटेक का विशेष स्थान है। यहां विजयादशमी पर वर्षों से पारंपरिक तरीके से रावण वध समारोह आयोजित किया जाता है। मानापुर के डिगी मैदान में होने वाला यह आयोजन रामटेक की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समारोह में रामटेक के उप विभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रियेश महाजन, तहसीलदार रमेश कोलपे, उप विभागीय पुलिस अधिकारी रमेश बरकते, पुलिस निरीक्षक राजेश कुमार थोरात तथा रामटेक नगर परिषद की मुख्याधिकारी पल्लवी राऊत उपस्थित थीं। इनमें से कुछ अधिकारी अपने परिवारों के साथ इस पारंपरिक आयोजन को देखने पहुंचे थे।
इस अवसर पर कुछ युवाओं ने गांधी चौक से डिगी मैदान जाने वाले मार्ग पर दांडपट्टा और तलवारबाजी का प्रदर्शन किया। शाम करीब 5 बजे गढ़ मंदिर के पुजारी अन्य पुजारियों के साथ मंदिर से पारंपरिक ‘निशान’ लेकर निकले। भोंसला देवस्थान गढ़ मंदिर के निरीक्षक अधिकारी चंद्रशेखर बावनकर तथा पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शाम करीब 5.30 बजे पुजारी निशान लेकर डिगी मैदान पहुंचे। इसके बाद ‘जय श्रीराम’ के जयघोष के बीच रावण की प्रतीकात्मक प्रतिमा के पास पारंपरिक रावण वध की रस्म पूरी की गई। इस दौरान मैदान में मौजूद हजारों नागरिकों ने एक साथ जय श्रीराम का उद्घोष किया, जिससे पूरा परिसर राममय हो गया।
अयोध्या और रामटेक में अनूठी परंपरा
देश में भगवान श्रीराम से जुड़े धार्मिक स्थलों में अयोध्या और रामटेक में रावण दहन के बजाय पारंपरिक रूप से रावण वध की रस्म निभाने की विशेष परंपरा प्रचलित है। इसी वजह से रामटेक का दशहरा समारोह विशिष्ट पहचान रखता है।
मानापुर के डिगी मैदान में आयोजित समारोह में पूर्व विधायक मल्लिकार्जुन रेड्डी सहित हजारों नागरिक उपस्थित थे।








