– 5 हजार रुपये की मदद नाकाफी, देशमुख ने मांगा 1 लाख रु. प्रति हेक्टेयर
नागपुर :- राज्य सरकार द्वारा सूखाग्रस्त किसानों के लिए घोषित 5 हजार रुपये की सहायता को पूर्व गृहमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने अपर्याप्त बताते हुए सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सूखा घोषित करते समय सभी प्रभावित किसानों को बिना किसी भेदभाव के सहायता देने का आश्वासन दिया था। लेकिन, अब त्योहारों के समय नियमों और कानूनों का हवाला देकर महज 5 हजार रुपये की मदद घोषित की गई है। यह किसानों के साथ अन्याय और उनका अपमान है।
देशमुख ने कहा कि प्राकृतिक आपदा और सूखे के कारण राज्य के किसान गंभीर संकट में हैं। खेतों में खड़ी फसलें सूखने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है। सरकार से उम्मीद थी कि वह संकट की इस घड़ी में किसानों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देकर राहत पहुंचाएगी, लेकिन घोषित राशि उनकी जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है।
प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये देने की मांग
अनिल देशमुख ने मांग की कि सूखाग्रस्त किसानों को वास्तविक राहत देने के लिए प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। यह मदद अधिकतम तीन हेक्टेयर की सीमा तक उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल नियमों और कागजी प्रक्रियाओं का हवाला देने से किसानों की समस्याएं हल नहीं होंगी। संकट से उबरने के लिए उन्हें पर्याप्त आर्थिक सहायता देना आवश्यक है।
देशमुख के अनुसार, इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की आर्थिक स्थिति और फसल नुकसान की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सहायता राशि बढ़ाने का निर्णय तत्काल लेना चाहिए।
निर्णय नहीं बदला तो आंदोलन की चेतावनी:
देशमुख ने कहा कि दिवाली से पहले घोषित की गई मामूली सहायता किसानों के साथ मजाक करने जैसी है। सरकार अपने आश्वासन से पीछे हटकर किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर सहायता राशि नहीं बढ़ाई, तो किसानों के हित में सड़क पर उतरकर तीव्र आंदोलन किया जाएगा।








