– वंजारी-सोले में जुबानी जंग, वोटों को लेकर दावे-प्रतिदावे
नागपुर :- नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा नेता अनिल सोले के मैदान से हटने के बावजूद बैलेट पेपर पर उनका नाम कायम रहने से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार सुधाकर कोहले के समर्थन में सोले ने उम्मीदवारी वापस ले ली थी, लेकिन नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के कारण बैलेट पेपर पर उनका नाम बना हुआ है। ऐसे में उन्हें मिलने वाले वोटों के संभावित असर को लेकर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी और सोले के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है।
वंजारी ने दावा किया कि सोले के समर्थक और भाजपा की कार्यप्रणाली से नाराज मतदाता उन्हें वोट दे सकते हैं। उन्होंने मतदाता सूची में करीब 8,500 मतदाताओं के नाम दो बार दर्ज होने का मुद्दा भी उठाया और इसे चिंताजनक बताया। वहीं, अनिल सोले ने वंजारी के दावे पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके समर्थक उनकी इच्छा के अनुसार सुधाकर कोहले को ही मतदान करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि स्नातक मतदाता कथित दुष्प्रचार से प्रभावित नहीं होंगे और भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देंगे। भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले ने भी जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और चंद्रशेखर बावनकुले पर विश्वास के साथ पार्टी चुनाव मैदान में है। उनके अनुसार, स्नातक मतदाता विकास के मुद्दों पर मतदान करते हैं। उन्होंने वंजारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी स्नातक मतदाताओं की समझ पर सवाल उठाने जैसी है।
अब चुनाव परिणाम में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैलेट पेपर पर नाम कायम रहने के कारण अनिल सोले को कितने वोट मिलते हैं और इसका अन्य उम्मीदवारों के मतों पर क्या असर पड़ता है। वहीं, मतदाता सूची में कथित दोहरी प्रविष्टियों का मुद्दा भी चर्चा में बना हुआ है।








