नई दिल्ली :- ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु और मीराबाई चानू समेत 10 खिलाड़ी भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) के एथलीट्स कमीशन में निर्विरोध चुन लिए गए हैं। मंगलवार को रिटर्निंग ऑफिसर संजय के श्रीवास्तव ने सभी 10 सदस्यों के निर्वाचन की घोषणा की। इनमें 5 पुरुष और 5 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। सभी का कार्यकाल 2026 से 2030 तक रहेगा।
पूर्व एथलीट सुधा सिंह ने सोमवार देर रात अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। इससे पहले बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने भी सोमवार को नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद 10 पदों के लिए 10 ही उम्मीदवार मैदान में बचे। ऐसे में 3 नवंबर को प्रस्तावित मतदान की जरूरत नहीं पड़ी।
इनके अलावा एशियाई ओलंपिक परिषद (OCA) के एथलीट्स कमीशन के दो भारतीय प्रतिनिधि भी IOA कमीशन के पदेन सदस्य होंगे। इनमें उपाध्यक्ष शिवा केशवन और हाल ही में नियुक्त राजेश्वरी कुमारी शामिल हैं।
ओलिंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए तय हैं सीटें
IOA के चुनाव नियमों के मुताबिक, 10 सदस्यीय एथलीट्स कमीशन में 6 खिलाड़ी ऐसे होने चाहिए, जिन्होंने पिछले तीन ओलंपिक में से कम से कम एक में हिस्सा लिया हो। इनमें 3 पुरुष और 3 महिला खिलाड़ी शामिल हैं।
बाकी 4 सीटें उन खिलाड़ियों के लिए हैं, जिन्होंने पिछले तीन एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप/कप या नेशनल गेम्स में कम से कम एक पदक जीता हो। इस कैटेगरी में 2 पुरुष और 2 महिला खिलाड़ियों को जगह मिलनी है।
ओलंपिक कैटेगरी के 6 सदस्य:
पुरुष: हरमनप्रीत सिंह, साजन प्रकाश और तजिंदरपाल सिंह तूर।
महिला: पीवी सिंधु, मीराबाई चानू और बॉम्बेला देवी।
पदक विजेता कैटेगरी के 4 सदस्य:
पुरुष: स्वप्निल कुसाले और मंजीत सिंह।
महिला: सलीमा टेटे और भवानी देवी।
सुधा सिंह और श्रीकांत के हटने से निर्विरोध हुआ चुनाव
16 अक्टूबर को रिटर्निंग ऑफिसर ने एथलीट्स कमीशन के चुनाव के लिए 34 मतदाताओं की सूची जारी की थी। ये प्रतिनिधि 17 राष्ट्रीय खेल महासंघों से चुने गए थे।
हालांकि, सुधा सिंह और किदांबी श्रीकांत के नाम वापस लेने के बाद सभी 10 पदों पर एक-एक उम्मीदवार बचा। रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा कि ऐसी स्थिति में चुनाव कराने का कोई औचित्य नहीं था। इसलिए मतदान रद्द कर दिया गया। मैरी कॉम की अध्यक्षता वाले पिछले एथलीट्स कमीशन में भी सिंधु, मीराबाई और भवानी देवी सदस्य थीं। तीनों इस बार भी कमीशन में जगह बनाने में सफल रहीं।








