– COP31 में भारत के बड़े जक्लाइमेट चेंज प्लान
नई दिल्ली :- जलवायु परिर्वतन की बढ़ती चुनौतियों के बीच ग्लोबल लेवल पर फिर से जीवाश्म ईंधन से निर्भरता घटाने को लेकर चर्चा तेज हुई है। इस कड़ी में 9 नवंबर से तुर्किए में शुरू हो रही कांफ्रेंस ऑफ पार्टीज के एजेंडे में कुल ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी को 35% तक बढ़ाने के मुद्दे को प्रमुखता से शामिल किया है। जिसे 2035 तक हासिल करने का लक्ष्य भी रखा गया है। हालांकि मौजूदा समय में दुनिया में कुछ ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी 20% ही है। ग्लोबल पर यह पहल तब की गई है, जब रिन्यूएबल एनर्जी के जरिए बिजली का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। भारत में मौजूदा समय में इसकी क्षमता 300 गीगावाट से अधिक हो चुकी है।
पर्यावरण मंत्री ने बताया प्लान
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने काप-31 से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि COP के दौरान इसके अतिरिक्त एजेंडे में जिन विषयों को शामिल किया है, उनमें कचरा प्रबंधन के साथ ही शहरों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाने जैसे मुद्दे शामिल किए गए है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि भारत इस दौरान पेरिस समझौते के अमल के मुद्दे को प्रमुखता से दुनिया के सामने रखेगा। साथ ही विकसित देशों पर इस बात का दबाव बनाएगा, कि वह अपने उन वादों को पूरा करें, जिसके तहत विकासशील देशों को वित्तीय व तकनीकी सहायता मुहैया करानी थी। यह सम्मेलन 20 नवंबर तक चलेगा।








