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कोयला खदान में श्रमिक की रहस्मय मौत

<p><strong>&&num;8211&semi; शरीर पर कन्वेयर बेल्ट में फंसने के स्पष्ट निशान नहीं<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;- <&sol;strong>नागपुर जिले के पाटणसावंगी स्थित भूमिगत कोयला खदान में 36 वर्षीय श्रमिक की मौत से कई सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती जानकारी में श्रमिक की मौत कन्वेयर बेल्ट में फंसने से होने की आशंका जताई गई थी। लेकिन&comma; अब उसके शरीर पर बेल्ट में फंसने के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिलने की बात सामने आ रही है। ऐसे में मौत का वास्तविक कारण क्या है&comma; इसे लेकर रहस्य गहरा गया है। मृतक की पहचान जगदीश आसुटकर के रूप में हुई है। वह चंद्रपुर जिले की वरोरा तहसील के चारूरखटी गांव का निवासी था। पिछले तीन वर्षों से वह पाटणसावंगी की कोयला खदान में कार्यरत था। खदान परिसर की आवासीय बस्ती में वह अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रहता था।<&sol;p>&NewLine;<p>जानकारी के अनुसार&comma; गुरुवार&comma; 5 नवंबर को दोपहर करीब 12 बजे भूमिगत खदान में लगभग 200 मीटर अंदर वह मृत अवस्था में मिला। उसका शव बाहर निकालकर वलनी स्थित वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के डॉ&period; बाबासाहब आंबेडकर अस्पताल ले जाया गया&comma; जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। जिस स्थान पर श्रमिक आसुटकर का शव मिला&comma; वहां ऑक्सीजन का स्तर सामान्य होने की बात कही जा रही है। साथ ही&comma; शरीर पर कन्वेयर बेल्ट में फंसने से हुई चोटों के कोई स्पष्ट निशान भी नहीं मिले। हालांकि&comma; इन तथ्यों के आधार पर मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता। वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। मृतक के परिजनों ने अस्पताल में कुछ समय तक शव ले जाने से इनकार किया और मौत का कारण स्पष्ट करने की मांग की। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए नागपुर भेजा गया।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष किशोर चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सब एरिया प्रबंधक सुरेश घटे और प्रबंधक अंकुश तिवारी के कार्यकाल में श्रमिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता में अनियमितताओं के आरोप लगाए।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>पुलिस जांच जारी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>सावनेर पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक दत्ता कानगुले ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा किया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से ही श्रमिक की मौत का वास्तविक कारण सामने आने की उम्मीद है।<&sol;p>&NewLine;<p>इस घटना ने भूमिगत कोयला खदानों में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं या नहीं और सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा है या नहीं&comma; इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। फिलहाल&rsqb; सबसे बड़ा सवाल यही है कि जगदीश आसुटकर की मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई&quest; इसका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मिल सकेगा।<&sol;p>&NewLine;