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‘नीरी’ ने रचा तकनीकी नवाचार का कीर्तिमान

<p><strong>&&num;8211&semi; एआई-एमएल आधारित मॉडल को मिला पहला पुरस्कार<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;-<&sol;strong> à¤¸à¥€à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤†à¤°-राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान &lpar;नीरी&rpar;&comma; नागपुर ने राष्ट्रीय स्तर के &OpenCurlyQuote;हैकाथॉन ऑन आरएंडडी-2026’ में प्रथम पुरस्कार हासिल किया है। संस्थान को यह पुरस्कार &OpenCurlyQuote;नेक्स्टजेन एआई फॉर स्मार्ट माइनिंग’ विषय के अंतर्गत पेड़ों की गणना&comma; प्रजातियों की पहचान और उनकी ऊंचाई का अनुमान लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता &lpar;एआई&rpar; एवं मशीन लर्निंग &lpar;एमएल&rpar; आधारित जीआईएस मॉडल विकसित करने के प्रस्ताव पर मिला।<&sol;p>&NewLine;<p>यह हैकाथॉन कोयला मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय खान योजना एवं डिजाइन संस्थान लिमिटेड &lpar;सीएमपीडीआई&rpar;&comma; रांची की ओर से आयोजित किया गया था। केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने 2 नवंबर 2026 को रायपुर के मेफेयर लेक में आयोजित कोयला एवं लिग्नाइट खदानों के स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह में नीरी की टीम को सम्मानित किया। संस्थान की ओर से डॉ&period; आशीष शर्मा और डॉ&period; कंचन कुमारी ने पुरस्कार ग्रहण किया। हैकाथॉन में देशभर से 70 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से नीरी के प्रस्ताव को प्रस्तुति के लिए चुना गया और खनन क्षेत्र में इसके उपयोग की संभावनाओं को देखते हुए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। इस परियोजना का नेतृत्व डॉ&period; आशीष शर्मा ने प्रमुख अन्वेषक और डॉ&period; कंचन कुमारी ने सह-प्रमुख अन्वेषक के रूप में किया। टीम में एसीएसआईआर के पीएचडी शोधार्थी मंदीप पूनिया तथा परियोजना सहयोगी रोहित नाले&comma; अंकुश राय&comma; आर्या वाडसमुद्रकर&comma; अभिषेक दलवी&comma; नेहा नसीम&comma; पूजा सदाशिव&comma; प्रद्युम्न गोंडाने और रजत शामिल थे। टीम को डॉ&period; सरवना देवी और सीएसआईआर-नीरी के निदेशक डॉ&period; एस&period; वेंकट मोहन का मार्गदर्शन मिला।<&sol;p>&NewLine;