– 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे
नागपुर :- पिछले कुछ सालों में जिले में HIV मरीज़ों की संख्या अचानक बढ़ गई थी। हालांकि, प्रशासन के असरदार कदमों की वजह से यह संख्या अब नियंत्रण में है। इस साल बीते 10 माह में (अक्टूबर तक) 87534 लोगों की जांच हुई। इनमें से अक्टूबर तक 183 मरीज़ रजिस्टर हुए हैं। इनमें 177 आम मरीज़ और 6 गर्भवती माताएं शामिल हैं।
जिला एड्स रोकथाम और कंट्रोल टीम और जिला सामान्य अस्पताल के साथ मिलकर जिले में असरदार जनजागरण और उपाय लागू किए जा रहे हैं। इसकी वजह से HIV/AIDS मरीज़ों की संख्या नियंत्रण में आ गई है। पिछले साल 2024-25 में 362 आम और 23 गर्भवती माताएं रजिस्टर हुई थीं। इसलिए, मरीज़ों की संख्या नियंत्रण में दिखाई दे रही है।
1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे
HIV संक्रमण के बारे में जनजागरण के लिए हर साल 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे मनाया जाता है। इसका मकसद हर उम्र के लोगों में AIDS के बारे में जागरूकता फैलाना है। वर्ष 2002 से ज़िले के मेडिकल कॉलेजों में ICTC सेंटर काम कर रहे हैं और 2006 से सभी उपजिला अस्पताल और ग्रामीण अस्पतालों में ICTC सेंटर बनाए गए हैं।
इसी तरह, इलाज के लिए ज़िला लेवल पर ART सेंटर और पुसद में तालुका लेवल पर ART सेंटर काम कर रहे हैं। इन सभी सुविधाओं को नियंत्रण करने के लिए, 2009 से ज़िला शल्यचिकित्सक के कंट्रोल में ज़िला लेवल पर एक डिस्ट्रिक्ट AIDS कंट्रोल टीम काम कर रही है। उनके ज़रिए, सभी उप जिला अस्पताल और ग्रामीण अस्पतालों में HIV/AIDS प्रोग्राम को अच्छे से लागू किया जा रहा है।
मुफ़्त काउंसलिंग और HIV टेस्टिंग
इसमें मुफ़्त काउंसलिंग और HIV टेस्टिंग, और HIV से संक्रमित मरीज़ों का इलाज शामिल है। साथ ही, इस प्रोग्राम के तहत सभी गर्भवती माताओं को मुफ़्त इलाज दिया जा रहा है। इसकी वजह से, ज़िले में HIV/AIDS के मरीज़ों की संख्या नियंत्रण में आ गई है।
87,534 लोगों की जांच हुई
6 गर्भवती महिलाएं संक्रमित



