spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

“हिंदुओं से ही खरीदारी” बयान पर बवाल

– सुप्रिया सुले बोलीं, संग्राम जगताप को पार्टी से निकालो

– एनसीपी में बढ़ा तनाव — कारण बताओ नोटिस के बाद अब निष्कासन की मांग तेज

नागपुर :- एनसीपी शरद पवार गुट के विधायक संग्राम जगताप को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जगताप ने विवादित बयान दिया था कि दिवाली पर हिंदुओं को केवल हिंदुओं की दुकानों से ही खरीदारी करनी चाहिए, लेकिन उन्हें कुछ नहीं होगा। उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाना चाहिए। यह मांग एनसीपी शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने रविवार को नागपुर में की। सुले सुबह नागपुर जिले में एक कार्यक्रम में शामिल होने नागपुर आई थीं। उस दौरान उन्होंने समाचार चैनलों से बातचीत की। विधायक संग्राम जगताप का बयान दोनों दलों के बीच दरार पैदा कर रहा है। सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि देश किसी की इच्छा से नहीं, बल्कि संविधान से चलने वाला है, इसलिए केवल कारण बताओ नोटिस जारी करने से नहीं, बल्कि पार्टी से निकालने से काम चलेगा।

चुनाव से पहले सरकार ने किसानों को पूर्ण कर्जमाफी का आश्वासन दिया था, अब किसान संकट में हैं, उन्हें इस संकट की घड़ी में कर्जमाफी की जरूरत है, लेकिन सरकार अपना वादा पूरा नहीं कर रही है। जब तक किसानों का कर्जमाफी नहीं हो जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे और सरकार को चैन से बैठने भी नहीं देंगे, ऐसा कहना है एनसीपी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले का। वह कोंढाली स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रही थीं। सांसद सुप्रिया सुले रविवार को कोंढाली के दौरे पर थीं। कोंढाली में सुबह से ही कार्यकर्ताओं की भीड़ थी। इस दौरान पार्टी प्रवक्ता प्रवीण कुंटे पाटिल, सलिल देशमुख, नगर पंचायत, महिला अघाड़ी, युवा अघाड़ी के पदाधिकारी और तालुका भर से आए कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। इस दौरान खा. सुले ने किसानों से बातचीत की। किसानों ने बताया कि उन्हें सोयाबीन का सही बाजार भाव नहीं मिल रहा है।

किसानों के लिए सड़कों पर उतरने की चेतावनी सुप्रिया सुले की

इसके अलावा, कार्यकर्ताओं ने इस दुख की ओर भी ध्यान दिलाया कि घटिया स्प्रे के कारण कई किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं। सुले ने आश्वासन दिया कि वह मामले की जाँच करेंगी और कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगी। उन्होंने कहा, “आज किसान ज़मीन-आसमान के दोहरे संकट में हैं। राज्य सरकार द्वारा पूर्ण ऋण माफी (सातबारा कोरा) की गारंटी पूरी न होने से किसानों की हालत और खराब हो गई है। किसानों को उचित मूल्य पाने का अधिकार है। हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेंगे और जब तक ऋण माफी नहीं हो जाती, सरकार को हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठने देंगे। किसानों के आँसू हमारे लिए कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि हमारी ज़िम्मेदारी है।”

Popular Articles