चंद्रपुर/पाथरी :- इंडियन प्रीमियर लीग के रोमांच के बीच सट्टेबाजी का काला कारोबार भी अपने चरम पर है। इसी कड़ी में चंद्रपुर ग्रामीण पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले एक मुख्य बुकी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान लोमेश राजगड़े के रूप में हुई है, जो पाथरी (चंद्रपुर) के निमगांव इलाके से अपना सिंडिकेट चला रहा था।
पुलिस की इस छापेमारी ने जिले के सट्टा बाजार में हड़कंप मचा दिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस गिरोह के तार न केवल चंद्रपुर, बल्कि गढ़चिरौली, वणी और पड़ोसी राज्य तेलंगाना तक जुड़े हुए हैं।
यह पूरी कार्रवाई पाथरी पुलिस थाने के अंतर्गत की गई। पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से गोपनीय जानकारी मिली थी कि २२ अप्रैल की रात, जब राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच मुकाबला चल रहा था, तब निमगांव का निवासी लोमेश राजगड़े अपने घर से बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट कर रहा था।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए, पाथरी के थानेदार सपोनि नितेश डोर्लीकर ने अपनी टीम के साथ तत्काल निमगांव में आरोपी के घर पर छापा मारा। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से आरोपी को भागने या सबूत मिटाने का मौका भी नहीं मिला।
पुलिस ने आरोपी के पास से सट्टेबाजी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण और नकदी बरामद की है, जिसकी कुल कीमत २१ हजार रुपये आंकी गई है। जब्त किए गए सामान में शामिल हैं:
३ हाई-टेक मोबाइल फोन (जिनका उपयोग ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स और कॉलिंग के लिए किया जा रहा था)।
सट्टे की एंट्री वाली डायरी और पेन (जिसमें लाखों के लेन-देन का हिसाब दर्ज है)।
अन्य संदिग्ध दस्तावेज।
अंतरराज्यीय कनेक्शन: गढ़चिरौली से तेलंगाना तक फैला नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार बुकी केवल एक मोहरा है। आईपीएल के इस सीजन में सट्टा माफियाओं ने चंद्रपुर जिले को अपना सुरक्षित अड्डा बना लिया है। गढ़चिरौली, वणी और तेलंगाना जैसे इलाकों से बड़े सटोरिये चंद्रपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में अपने ‘एजेंट’ सक्रिय कर चुके हैं। मोबाइल ऐप्स और डार्क वेब के माध्यम से यह पूरा खेल खेला जा रहा है। पुलिस अब लोमेश के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और व्हाट्सएप चैट खंगाल रही है ताकि इस रैकेट के असली आकाओं तक पहुँचा जा सके।
इस सफल अभियान को पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकड़े और मूल के उपविभागीय पुलिस अधिकारी सत्यजीत आमले के कुशल मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। टीम में पाथरी के थानेदार नितेश डोर्लीकर, पुलिस उपनिरीक्षक गोविंद चाटे, सपोनि सतीश गुरनुले, पोहवा मडावी, पोअं गजेंद्र बारेकर और दत्ता आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
“हम जिले में सट्टेबाजी और अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह कार्रवाई तो महज शुरुआत है, इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।”
— पुलिस प्रशासन, चंद्रपुर
पाथरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में गढ़चिरौली और तेलंगाना सीमा से लगे इलाकों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

