– मेलघाट की समस्याएं सरकार तक पहुंचाएंगे
चांदूर बाजार :- पूर्व विधायक बच्चू कडू ने मेलघाट क्षेत्र के किसानों, आदिवासियों, मजदूरों और स्थानीय नागरिकों की मूलभूत जन्यण। समस्याओं को लेकर 250 किलोमीटर लंबी संघर्ष यात्रा निकालने की घोषणा की है. बच्चू कड़ ने कहा कि यह केवेल विरोध यात्रा नहीं, बल्कि मेलघाट की वास्तविक स्थिति की समीक्षा यात्रा है. सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से क्षेत्र की जमीनी हकीकत सरकार तक पहुंचाई जाएगी और समस्याओं के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि मेलघाट में रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, पेयजल, बिजली, पक्की सड़कें, कर्जमाफी जैसे मुद्दे आज भी गंभीर हैं. प्रशासन को इन मूलभूत सुविधाओं पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए. अधिकांश सरकारी कामकाज ऑनलाइन हो चुका है, लेकिन मेलघाट के दुर्गम इलाकों में नेटवर्क की भारी कमी है.
मेलघाट में अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति, ग्राम पंचायतों में रोजगार सेवकों को कर्मचारी का दर्जा तथा समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की भी मांग की. प्रेस वार्ता में बालू जवजाल, रहमान भाई, मनीष नागलिया, सुरेश गणेशकर, दीपक भोगाडे, संजय गोमकाले, उमेश कपाले सहित प्रहार संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे.
मेलघाट में मानव और वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है. वर्ष 2020 में बाघ हमलों में 31 लोगों की मृत्यु हुई थी. वहीं 2024 से फरवरी 2025 तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है. अब तक 648 नागरिक वन्यजीव हमलों में घायल हो चुके हैं.. वन्यजीव हमले में मृत्यु होने पर परिजनों को 50 लाख रुपये, स्थायी विकलांगता पर 25 लाख रुपये, गंभीर घायल होने पर 15 लाख रुपये और मामूली चोट पर 1 लाख रुपये का मुआवजा आठ दिनों के भीतर देने की मांग की है.




