– भिंड में नेशनल हाईवे पर गाड़ी के परखच्चे उड़े ; यात्री अंदर ही फंस गए, 6 लोग गंभीर
नागपूर :- नेशनल हाईवे 719 और 552 पर तेज गति सडक़ हादसों की वजह बन रही है। अकेले शहर के बायपास रोड पर ही एक माह में पांच लोग मौत के गाल में समा गए हैं। इन सभी हादसों के पीछे वाहनों की अनियंत्रित गति और चालकों की लापरवाही सामने आई है। हाइवे पर भले ही वाहनों की गति निर्धारित हो लेकिन चालक बेलगाम वाहनों को दौड़ा रहे हैं। इसके बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। यातायात विभाग के पास इकलौता स्पीडोमीटर है उसका भी उपयोग नहीं किया जा रहा है। बता दें भिण्ड-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर कार की अधिकतम स्पीड 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित है। एमपीआरडीसी ने इसको लेकर बोर्ड भी लगाए है, लेकिन हाईवे पर कार 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से भी अधिक दौड़ती हैं। ट्रक, डंपर और हैवी वाहनों की स्पीड 60 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है वह भी इससे अधिक दौड़ते हैं जो कि हादसे का कारण बनते हैं। इसी तरह भिण्ड-भांडेर रोड पर बड़े वाहनों की स्पीड 50 किमी प्रति घंटा निर्धारित है, मगर वाहन 70 से 80 किमी प्रति घंटा तक फर्राटे भरते हैं। कार की स्पीड 80 किमी है, वह भी नियंत्रित गति से अधिक तेज दौड़ती हैं। जिस वाहन की स्पीड चेक करनी होती है, उसके लिए पांच सौ मीटर की रैंज में टारगेट निर्धारित करके गाड़ी को लॉक किया जाता है। वाहन की पूरी जानकारी मशीन में लगे कैमरा में फीड हो जाती है। उसकी स्पीड और फोटो स्पीडो मीटर में पहुंच जाती है। निर्धारित गति से अधिक स्पीड में वाहन चलाने पर तीन हजार रुपए का जुर्माना का प्रावधान है।
वाहन में फंसे कई शव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई। वाहन के परखच्चे उड़ गए और कई शव बुरी तरह फंस गए, जिन्हें निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को पहले जिला अस्पताल भिंड पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल मरीजों को ग्वालियर रेफर किया गया। फिलहाल ग्वालियर के अस्पतालों में इलाज जारी है।




