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बुटीबोरी में मौत का तांडव : सोलर प्लांट की टंकी फटी, 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत

– हाइड्रो टेस्टिंग बनी काल, सुरक्षा में बड़ी चूक ! बुटीबोरी एमआईडीसी हादसे ने उद्योगों की सेफ्टी पर उठाए सवाल

– मृतकों के परिवार को 5 लाख मुआवजा : सीएम

बुटीबोरी :- एमआईडीसी फेज-2 बुटीबोरी में शुक्रवार को सुबह 11 से 11.30 बजे के दौरान बड़ा हादसा हो गया. यहां स्थित अवादा सोलर प्लांट में एक बड़ी पानी की टंकी अचानक फट गई. देखते ही देखते इसकी जद में वहां पर मौजूद कई मजदूर आ गए. इनमें से 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य 3 की अस्पताल में मौत हो गई. इस घटना में 6 मजदूरों की मौत हो गई. वहीं 10 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर तत्काल स्थानीय पुलिस, दमकल कमीं और आपातकालीन सेवाएं पहुंचीं और राहत तथा बच्चात्र कार्य शुरू किया गया, पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. गौरतलब है कि इस हादसे ने आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में हलचल मचा दी है. श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रशासन घटना के कारणों की जांच कर रहा है. इस दुर्घटना में 6 मजदूरों की मृत्यु हो गई. जिन हाथों ने देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए ‘सोलर एनर्जी’ का सपना बुना था, उन्हीं हाथों का खून से सना खेल बुटीबोरी एमआईडीसी में देखने को मिला, 1500 लाख लीटर की क्षमता वाती विशाल पानी की टंकी में साइड्रो टेस्टिंग के दौरान हुआ धमाका इतना भयानक था की 6 मजदूरों की मौत हो गई, जनकारी अनुसार करनी में नई बनी मेटल की पानी टंकी की हाइड्री टेस्टिंग चल रही थी, जब 1,300 लाख लीटर पानी झेलने की कैपेसिटी की टेस्टिंग हो रही थी तभी अचनक एक जोरदार आवाज अर्थ और पानी के बहुत अधिक प्रेशर की वजह से टंकी फट गई और पास में काम कर रहे मजदूर पालक झपकते ही उसकी चपेट में आ गए. 3 मजदूरों की तो मौके पर ही मौत हो गई, जबकि और अन्य 3 ने अस्पताल में उपवार के दौरान दम तोड़ा. बताया गया कि 10 से अधिक मजदूर घायल हो गए और वे भी जिदगी और मौत से जूझ रहे है. घायल मजदूरों की हालत गंभीर होने से मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है. अवादा कंपनी में यह पहली बार नहीं हुआ है. इससे पहले भी एक मजदूर की फोर्कलिफ्ट के नीचे दबवार मौत हो गई थी. सवाल उठता है कि संरटी ऑडिट कर क्या हुआ ब्ली पटना के बाद कंपनी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? टेस्ट के दौरान लापरवाही क्यों हुई? क्या इतनी बड़ी कैपेसिटी वाले टैंक की टेस्टिंग के दौरान सेपटी नियमों की अनदेखी की गई? क्या मतदूरी की जान सस्ती है? बार चार हादसे होने के चावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? ऐसे कई सवाल अब उठ रहे हैं.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि दुर्घटना में 6 श्रमिकों की मृत्यु अत्यंत दुभांग्यपूर्ण है. मैं उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजली अर्पित करता हूं. घटना में घायल श्रमिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता है. में जिलाधिकारी के साथ संपर्क में हूं और भी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं. राज्य सरकार मृतक के वारिसों को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. संबंधित कंपनी मृतक के वारिसों को 30 लाख रुपये देगी और कंपनी ने घायलों और चिकित्सा खर्च के साथ 10 लाख रुपये देने पर भी सहमति जताई है.

घटनास्थल पर पहुंचे एसपी पोद्दार

घटना की जानकारी मिलते ही नागपुर ग्रामीण के एसपी हर्ष पोद्दार तुरंत पटनास्थल पर पहुंचे, उन्होंने माया अस्पताल जाकर वहां भी घायलों से भेंट की तथा बताया कि इस दर्दनाक घटना की उचित जांच व कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया सबसे पहले घायलों का उचित इलाज जरूरी है, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव मुजीब पठान ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों और मृतक के परिवारों से भेंट की. पठान ने मृत मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा देने को मांग की

पहले भी हुई थी मजदूर की मौत

इससे एक माह पूर्व भी कंपनी में फोर्कलिफ्ट के नीचे दबकर कैलास खुशालराव कैकाडी (37) की मौत हो गई थी. इस तरह की घटनाएं दर्शाती हैं कि कंपनी के कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों का चड़ल्ले से उल्लंघन हो रहा है. सुरक्षा नियमों का और मानकों का उचित ऑडिट नहीं हो पाता और बार-बार दुर्घटनाओं में कामगारों की जान जाता यह दुभाग्य की बात है.


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