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संगठित अपराध के खिलाफ अभियान

– डॉ रविंद्र सिंगल की जगह लेंगे नागरे पाटिल

नागपुर :- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस महकमें में बड़ा बदलाव करते हुए विश्वास नागरे पाटिल को नागपुर का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है। नागरे पाटिल वर्तमान आयुक्त डॉ रविंद्र सिंगल की जगह लेंगे। आपको बता दें कि, नागरे पाटिल 1997 महाराष्ट्र बैच के अधिकारी हैं। इसी के साथ उनकी पहचान एक तेज तर्रार और डैशिंग पुलिस अधिकारी के रूप में होती है। भौगोलिक संदर्भ वर्तमान में नागपुर पुलिस आयुक्त पद का दायित्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रवींद्र सिंघल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में अपर पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभी तक विश्वास नागरे इस पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

विश्वास नागरे पाटिल महाराष्ट्र कैडर के 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। अपनी कड़क कार्यशैली, तेज निर्णय क्षमता और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए वे पूरे महाराष्ट्र में लोकप्रिय हैं। प्रशासनिक दक्षता और मैदान में सक्रिय मौजूदगी के कारण उनकी छवि एक “एक्शन पुलिस ऑफिसर” की रही है। सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी लोकप्रियता है और युवाओं के बीच उन्हें प्रेरणास्रोत अधिकारी माना जाता है।

विश्वास नागरे पाटिल को “महाराष्ट्र का सिंघम” कहे जाने के पीछे उनकी कार्यशैली सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने अपने करियर में कई ऐसे अभियान चलाए जिनमें संगठित अपराध, अवैध कारोबार और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई।

उनकी छवि केवल कार्यालय तक सीमित रहने वाले अधिकारी की नहीं रही, बल्कि वे अक्सर स्वयं मैदान में उतरकर कार्रवाई का नेतृत्व करते दिखाई दिए। यही कारण है कि आम जनता और मीडिया ने उन्हें “रियल लाइफ सिंघम” की पहचान दी।

मुंबई 26/11 आतंकी हमला: विश्वास नागरे पाटिल का नाम सबसे अधिक चर्चा में 2008 मुंबई attacks के दौरान आया। उस समय वे दक्षिण मुंबई क्षेत्र में तैनात थे। आतंकवादी हमलों के दौरान उन्होंने जोखिम उठाते हुए राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस घटना ने उन्हें राज्यभर में पहचान दिलाई।

संगठित अपराध के खिलाफ अभियान: अपने विभिन्न कार्यकालों में उन्होंने गैंगस्टर नेटवर्क, अवैध वसूली और अपराध सिंडिकेट के खिलाफ लगातार कार्रवाई की। कई जिलों में अपराध नियंत्रण के लिए उनके अभियानों की चर्चा रही।

अवैध धंधों पर कार्रवाई: अवैध शराब, मादक पदार्थों के कारोबार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ उन्होंने कई विशेष अभियान चलाए। उनकी कार्रवाई के कारण कई क्षेत्रों में अपराध दर में कमी दर्ज की गई।

कानून-व्यवस्था प्रबंधन: त्योहारों, संवेदनशील घटनाओं और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी रणनीति की सराहना होती रही है। भीड़ नियंत्रण और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता उनकी प्रमुख विशेषताओं में गिनी जाती है।

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