– सावनेर के बड़ेगांव में बाल विवाह की तैयारी नाकाम, संयुक्त टीम की त्वरित कार्रवाई
– शादी तय होते ही छुड़वाई पढ़ाई, काउंसलिंग से बदली सोच
– 1098 हेल्पलाइन बनी ढाल : बाल अधिकारों की जीत, शिक्षा को मिला जीवनदान
नागपुर :- एक 13 साल की लड़की का बाल विवाह तय कर उसे स्कूल से दूर रखने का एक गंभीर मामला सामने आया है। हालांकि, संबंधित एजेंसियों की तुरंत कार्रवाई की और इस बाल विवाह को रोक दिया और लड़की की फिर से स्कूल में पढ़ाई शुरू करवा दी। सावनेर तहसील के बड़ेगांव की घटना : मामला सावनेर तहसील के बड़ेगांव इलाके का है। जिला बाल संरक्षण और पर्यायी शिक्षण समन्वयक प्रसेनजीत गायकवाड़ को जानकारी मिली कि, लड़की पिछले दो माह से स्कूल नहीं जा रही है। उसका विवाह तय कर दिया गया है। इसके आधार पर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और ग्रामीण समस्या मुक्ति ट्रस्ट की संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई की। टीम जब पीड़ित के घर गई, तो साफ हुआ कि, लड़की के रिश्तेदारों के बीच उसकी शादी की बात चल रही थी। शादी तय होने के बाद माता-पिता ने उसे स्कूल भेजना बंद कर दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने माता-पिता से विस्तार से बात की और उनकी काउंसलिंग कर उन्हें बाल विवाह के बुरे असर और कानून के तहत कड़ी सजा के बारे में बताया। माता-पिता से एक एफिडेविट भरवाया गया और लड़की को माता-पिता के साथ स्कूल ले जाया गया और पढ़ाई में वापस शामिल कर लिया गया। स्कूल के टीचरों को निर्देश दिया गया कि, अगर कोई स्टूडेंट लंबे समय तक गैर-हाजिर रहता है, तो वे तुरंत माता-पिता से संपर्क करें। अगर बाल विवाह या बाल मजदूरी के बारे में कोई भी संदिग्ध जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर इसकी सूचना दें। इलाके में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसलिए स्कूल में एक खास जागरूकता मीटिंग की गई। मीटिंग में सभी टीचरों, प्रिंसिपल, स्टूडेंट्स और माता-पिता को बाल विवाह के बुरे असर और बच्चों के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह पूरी प्रक्रिया जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे (जिला बाल संरक्षण अधिकारी), मुस्ताक पठान, प्रसेनजीत गायकवाड़, चाइल्ड हेत्पलाइन केस वर्कर मीनाक्षी धड़ाड़े, शायना शेख, पारामिता गजभिये और ग्रामीण समस्या मुक्ति ट्रस्ट की वानखड़े के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।