– पुलिस ने छह आरोपियों को किया गिरफ्तार
नागपुर :- नागपुर जिले में एक नाबालिग किशोरी की सूझबूझ और हिम्मत से बाल विवाह का मामला उजागर हो गया। मध्यप्रदेश ले जाकर जबरन विवाह के बाद ससुराल भेजे जाने के दौरान किशोरी ने रास्ते में वाहन रुकवाने का बहाना बनाया और अपनी मां से सवाल-जवाब शुरू कर दिए। दोनों के बीच विवाद होता देख केलोद पुलिस ने हस्तक्षेप किया। पूछताछ में किशोरी ने पूरी घटना बताई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां के नागपुर निवासी अधिवक्ता नाजीर शेख से प्रेम संबंध थे। आरोप है कि उसने मां और बेटी को नागपुर बुलाया, जहां एक महिला से उनकी मुलाकात कराई गई। इसके बाद कथित रूप से सभी ने मिलकर साजिश रचते हुए नाबालिग किशोरी का मध्यप्रदेश निवासी एक युवक से विवाह करा दिया। विवाह के बाद उसे मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा था। 17 जुलाई को केलोद पुलिस थाना क्षेत्र के रामपुरी फाटा के पास पहुंचने पर किशोरी ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन रुकवाया और अपनी मां से विरोध जताया। दोनों के बीच विवाद होता देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया। पूछताछ के दौरान किशोरी ने बताया कि उसका बाल विवाह कराया गया है और उसे जबरन मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता को सुरक्षित मुक्त कराया।
मां सहित 6 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में केलोद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143, 3(5) तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3, 9 और 10 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में राजेश गणपत बच्छांगी (43), रवि रामप्रसाद यादव (25), रामप्रसाद नंदराम यादव (53), संजय रतन परमार (50), दुल्हे सिंह गजब सिंह कच्छवा (43), सभी मध्य प्रदेश निवासी तथा पीड़िता की मां को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक अन्य महिला और नागपुर निवासी अधिवक्ता नाजीर शेख को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के तथा सहायक पुलिस अधीक्षक एवं उपविभागीय पुलिस अधिकारी सागर खर्डे के मार्गदर्शन में केलोद पुलिस ने की। मामले की आगे की जांच जारी है।



