– पानी की वर्षों से चल रही किल्लत
बूटीबोरी :- नगर में अनेक वर्षों से चल रही पानी की समस्या का हल अभी तक नहीं निकल पाया हैं. बूटीबोरी नगर में जगह-जगह पानी की टंकियों का निर्माण कार्य भी कछुआ गति से चल रहा हैं. हर मोहल्ले, वाडों में पानी की समस्या को लेकर अनेक बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया किंतु समस्या का समाधान अभी तक नहीं निकल पाया हैं. बूटीबोरी शहर एशिया की सबसे बड़ी औद्योगिक इकाई मानी जाती हैं. जिसमें सैकड़ों कंपनियों में हजारों कामगार अपना जीवनयापन चला रहे हैं. एशियाखंड की पहचान वाला बुटीबोरी शहर आज विविध समस्याओं से घिरा हुआ हैं. पानी की समस्या और बस स्टैंड की समस्या, सरकारी बड़ा सुविधायुक्त अस्पताल जैसी अनेक समस्याओं का यहां पर अंबार लगा हुआ हैं. लेकिन समस्याओं का हल वर्षों से नहीं निकल पा रहा हैं. दवाखाना, पानी की टंकियों का निर्माण कार्य तो शुरू है लेकिन वह कार्य अंतिम चरण में कब पहुंचेगा यह समझ पाना नागरिकों के लिए मुश्किल हो गया है.
बुटीबोरी की आश्रम शाला के शिक्षक विशाल जुमडे ने बताया कि यहां पर अनेक समस्याएं हैं. उन सब में पीने के पानी की समस्या सबसे गंभीर है. इसका हल निकालने का काम वर्षों से चल रहा है लेकिन एशिया खंड की सबसे बड़ी औद्योगिक इकाई माने जाने वाले बुटीबोरी शहर अनेक समस्याओं से जूझ रहा है. ऐसे में अब जलसंकट से गर्मी के मौसम में क्या हाल होगा यह तो भगवान ही जाने. बुटीबोरी के संपूर्ण वार्डों में घर-घर में पानी के नल लगे हुए हैं. लेकिन पानी 8 दिनों में ही टपकता हैं. ऐसे में 8 दिनों तक घर में पानी का स्टोर नहीं कर सकते हैं. स्टोर करना चाहे तो भी उतनी देर तक नल में प्रेशर नहीं रहता हैं. जिस दिन नलों में पानी आना रहता है उस दिन घरों की महिलाएं किसी भी शादी, पार्टी या अन्य कोई कार्यक्रम में जाना हो तो जाना कैंसल करना पड़ता हैं. यदि किसी प्रोग्राम में नल आने के दिन चले गये तो फिर पीने के पानी के भी लाले पड़ सकते हैं. यह बूटीबोरी की सबसे गंभीर समस्या है, प्रशासन यह सब देखते हुए भी चुप्पी साधे हुए हैं.
शहर स्वराज्य जनशक्ति फाउंडेशन के अध्यक्ष गौरव हजारी ने कहा कि पानी की इस समस्या का हल निकालना जरूरी है. इसके लिए। लिए प्रशासनिक अधिकारी व नगर परिषद समय रहते ध्यान दे. पानी की टंकियों का निर्माण कार्य भी कछुआ गति से चल रहा है. बूटीबोरी शहर एशिया खंड की सबसे बड़ी औद्योगिक इकाई के रूप में जाना जाता है, लेकिन को समय पर पीने का पानी ही नहीं मिलना यह बुटीबोरी शहर का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है. सवाल है कि क्या पानी के टैंकर मालिकों की जेब भरने के लिए निर्माण कार्य पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. 8 दिनों में एक दिन नल में पानी आने से लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं. प्रशासन इस ओर शीघ्र ध्यान देकर पीने के पानी की समस्या हल करें.








