– नागपुर में एक और बच्चे ने तोड़ा दम
नागपुर :- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में संदिग्ध कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अब इस घटना की कड़ी महाराष्ट्र तक पहुँच गई है। नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती तीन साल के बच्चे की मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। माना जा रहा है कि बच्चे की तबीयत बिगड़ने का कारण वही कफ सिरप हो सकता है, जिसे छिंदवाड़ा क्षेत्र के अन्य बच्चों ने भी लिया था। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे को बीते कुछ दिनों से तेज़ बुखार और खांसी थी। इलाज के दौरान परिजनों ने उसे बाज़ार से खरीदा हुआ कफ सिरप दिया, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे नागपुर रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य विभाग ने मृत बच्चे का सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दवा में कोई हानिकारक रासायनिक तत्व या मिलावट तो नहीं थी। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण की पुष्टि हो सकेगी।
इससे पहले छिंदवाड़ा में भी कई बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौतें हो चुकी हैं, जिनका संबंध कथित तौर पर एक ही ब्रांड के कफ सिरप से जोड़ा जा रहा है। इन घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने दवा की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है और संबंधित फार्मेसी पर जांच शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र दोनों राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने संयुक्त जांच दल गठित किया है, जो दवा के सैंपल की केमिकल एनालिसिस रिपोर्ट और वितरण चैनल की जांच करेगी। स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, “रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि सिरप में कोई घातक तत्व था या नहीं। यदि लापरवाही पाई गई, तो निर्माता और विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








