सचिन चौरसिया, रामटेक :- पर्यटन और धार्मिक प्रसिद्ध रामधाम तीर्थस्थल पर स्थित बाबा बर्फानी अमरनाथ मंदिर के द्वार श्रावण माह के पहले सोमवार (ता. १७) को नाग पंचमी के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल की पत्नी वर्षा पटेल (अध्यक्ष, गोंदिया शिक्षण संस्था, गोंदिया) की उपस्थिति में विभिन्न पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के द्वार खोले गए। भजन समूहों के भजनों ने भक्तिमय वातावरण का निर्माण किया। हजारो श्रद्धालूओ मी बाबा अमरनाथ की गुफा और बाबा अमरनाथ बर्फानी शिवलिंग दर्शन की किए। विदर्भ में बाबा बर्फानी की अमरनाथ यात्रा शुरू हुई उनकी इच्छा पूरी करने के लिए चंद्रपाल चौकसे ने मानसर के प्रसिद्ध रामधाम तीर्थ में बाबा बर्फानी अमरनाथ धाम की स्थापना की। इस वर्ष इसकी १५ वीं वर्षगांठ है और प्रत्येक श्रावण माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं और भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग के दर्शन करके आशीर्वाद प्राप्त करते हैं तथा धार्मिक भावना से भर जाते हैं। बाबा बर्फानी शिवलिंग का दिव्य स्वरूप यह अनुभव अनेक भक्तों को हुआ। अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को काफी धन खर्च करना पड़ता है और लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ताकि श्रद्धालु रामधाम तीर्थस्थल पर बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें, रामधाम के संस्थापक चंद्रपाल चौकसे ने अमरनाथ बर्फानी मंदिर की प्रतिकृति बनवाई। इस अवसर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के महासचिव तानाजी वनवे, मजीरा. कंपनी अध्यक्ष राजू राऊत, रामधामतीर्थ संस्थापक चंद्रपाल चौकसे, महिपाल चौकसे, संध्या चौकसे, मालुताई वनवे, गणेश पानतावने, नवीन चौकसे, गौरव चौकसे, पवन राजू राऊत, रवि कठौते, सुनील लाडेकर, पी. टी. रघुवंशी, ऋषिकेश किंमतकर , नंदकिशोर कछवा, आलोक मानकर, दत्तू बघेले, राजेश ठाकरे, पंकज चौधरी, ऋषभ बावनकर, शेखर पाटिल, अजय खेड़गड़कर, मोहन कोठेकर, रवि बावनकुळे , अतुल देवगड़े, मंजू पांडे और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
रामधाम में, श्रद्धालु बाबा अमरनाथ, बारह ज्योतिर्लिंग, अष्टविनायक, माता वैष्णोदेवी और विश्व प्रसिद्ध ओम के दर्शन एक ही स्थान पर कर सकते हैं, साथ ही भगवान राम और भगवान कृष्ण के जीवन पर आधारित एक झांकी भी देख सकते हैं। इसके अलावा, मनोरंजन के लिए वे जादू के खेल, कई प्रकार के झूले, सुवी बर्ड पार्क, एडवेंचर पार्क, लाइट हाउस वाटर पार्क और मरमेड शो का आनंद ले सकते हैं। रामधाम तीर्थ स्थल पर भारतीय संस्कृति और रीति-रिवाजों के संपूर्ण दर्शन उपलब्ध हैं।





