– बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे
नागपुर :- किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी और सातबारा पूरी तरह कोरा करने की मांग को लेकर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति (विराआस) ने नागपुर में जोरदार आंदोलन किया। समिति के कार्यकर्ताओं ने वेरायटी चौक पर राज्य सरकार द्वारा 2 जून 2026 को जारी ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना’ के शासन निर्णय (जीआर) की प्रतिकात्मक होली जलाकर विरोध दर्ज कराया। दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक बस को रोककर रास्ता जाम करने का प्रयास किया। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और आंदोलन के दो प्रमुख कार्यकर्ताओं तारेश दुरुगकर तथा विलास सूर्यवंशी को हिरासत में लिया। हालांकि करीब एक घंटे बाद दोनों को रिहा कर दिया गया।
आंदोलन के दौरान समिति के नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उनका कहना था कि सरकार ने अपने जीआर की प्रस्तावना में स्वयं स्वीकार किया है कि कर्जमाफी के बाद भी किसान बार-बार कर्ज के दुष्चक्र में फंस रहे हैं और उन्हें स्थायी राहत देने के लिए दीर्घकालीन उपायों की आवश्यकता है। इसके बावजूद घोषित योजना में किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिला है।समिति का आरोप है कि यह योजना केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है और किसानों की समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। प्रमुख नारों में शामिल थे—किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी करनी होगी। किसानों का सातबारा पूरी तरह कोरा होना चाहिए। किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद। उद्योगपतियों के कर्ज माफ, किसानों के साथ अन्याय क्यों? किसान एकता जिंदाबाद।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने सवाल उठाया कि जब उद्योगपतियों के अरबों रुपये के कर्ज माफ किए जा सकते हैं, तो देश के अन्नदाता किसानों को पूर्ण कर्जमाफी देने में सरकार को दिक्कत क्यों है। समिति ने चेतावनी दी कि जब तक किसानों का सातबारा पूरी तरह कोरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में पूरे विदर्भ में इससे भी अधिक तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।




