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नाराज किसानों ने ग्रापं में सर्वसम्मति से किया प्रस्ताव पारित

– किसानों ने सस्ते दामों पर जमीनें देने का किया विरोध

 नागपुर :- सरकार अब सावंगी (असोला) क्षेत्र के बुटीबोरी में अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण करेगी और घोषणा की है कि वह किसानों को 44 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से भूमि का मुआवजा देगी. हालांकि, सरकार पर किसानों को विश्वास में न लेने और उनकी जमीन बहुत कम दर पर मांगने का आरोप लगाते हुए, सावंगी (आसोला) के लगभग 5०० से 6०० किसानों ने सोमवार को ग्राम पंचायत सावंगी में एक विशेष ग्राम सभा आयोजित की और सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया कि ‘किसानों की जमीन सस्ते दाम पर नहीं दी जाएगी’.

मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने बुटीबोरी के सवांगी (असोला) अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्र में किसानों की जमीनों के अधिग्रहण के लिए 44 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर तय की है. हालांकि, यह दर मौजूदा बाजार मूल्य की तुलना में बहुत कम है और किसानों का कहना है कि जमीन की कीमत 1 करोड़ 44 लाख रुपये प्रति एकड़ है. अगर किसानों की जमीनें इतनी कम दर पर अधिग्रहित की जाती हैं, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा और आजीविका का मुद्दा खड़ा हो जाएगा. इसलिए, यहां के किसानों ने सरकार से इतनी कम दर पर उनकी जमीनें मांगने पर आक्रोश व्यक्त किया है.

इस अवसर पर उपस्थित किसानों ने पिछले पांच वर्षों के विक्रय विलेख के नमूना प्रमाण पत्र दिखाकर सरकारी दर के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने ‘भूमि हमारा अधिकार है, किसी और के बाप की नहीं’‘, ‘भीख मत मांगो, अपने अधिकार की कीमत चुकाओ’ जैसे नारे लगाए और किसानों को भूमि से वंचित करने वाली सरकार के विरुद्ध विरोध जताया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जब तक सरकार उचित कार्रवाई नहीं करती, किसान पीछे नहीं हटेंगे. इस विशेष ग्राम सभा में सरपंच शेषराव नागमोते, उप सरपंच पंकज जायसवाल, अशोकखड़तकर, सुधीर नागमोते, राजेंद्र देशमुख, अतुल गोरले, अक्षय अडीकने, कोमल गहुरू, दिनेश कोहले, शिवराम मेहुने, रवि गोरले, मोहन धोदरा, बंदू मुरले, कवडु सलाम, योगेश अडीकने, सुभाष अडीक ने, भरत आवटे, अनिल ठाकरे सहित सभी ग्राम पंचायत सदस्य और सैकड़ों किसान उपस्थित थे.

किसानों की मांगें इस तरह है

भूमि अधिग्रहण मूल्य बाजार मूल्य का चार गुना होना चाहिए, प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण करने वाले किसानों को 15 प्रश वाणिज्यिक भूखंड उपलब्ध कराए, सावंगी (आसोला) का क्षेत्र सरकारी सिंचाई परियोजना कान्होलीबारा के अंतर्गत आता है, इसलिए पूरे क्षेत्र को सिंचाई के अंतर्गत पंजीकृत करें, जमीन देने वाले किसानों के बच्चों को रोजगार की गारंटी दें, खेत में स्थित अचल संपत्ति (कुएं, फलदार वृक्ष, फूल के पौधे) का सटीक मूल्यांकन करें.

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