नागपुर :- आतंकियों को रुपए भेजने की वजह से मनी लांड्रिंग के केस में डिजिटल अरेस्ट किए जाने की धमकी देकर 80 साल के वृद्ध से साइबर अपराधियों ने डेढ़ करोड़ रुपए ऐंठ लिए. साइबर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है. रामदासपेठ निवासी हेमंत करकरे को 25 अक्तूबर को कथित संदीप राव ने फोन किया. उसने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए करकरे को उनका मनी लांड्रिंग के केस में नाम होने का बताया. उसने करकरे को उनके खाते से आतंकियों को धन भेजने का बताया. उनके आतंकियों से संबंधों का खुलासा हुआ है. उसने करकरे को. फर्जी दस्तावेज भेजे. वीडियो कॉल करके उन्हें डिजिटल अरेस्ट किए जाने का झांसा दिया. गिरफ्तारी से बचने और फंड वेरिफिकेशन के नाम से 1.51 करोड़ रुपए ले लिए. करकरे ने अलग-अलग खातों से यह राशि आरोपियों को भेजी. बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ. उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने ठगी तथा आईटी एक्ट का मामला दर्ज किया है.
दोगुने के लालच में डूबे ₹28 लाख
निवेश का दोगुना लौटाने का. झांसा देकर 28 लाख की ठगी की गई है. आरोपी प्रकाश जैन, रवि जैन, जयपुर, अशोक कुमार नोखेलाल सिरोटिया, खड़गांव मार्ग, वाड़ी तथा धीरज अर्जुन पाल (40) लावा, वाड़ी ने माय विक्ट्री क्लब प्रा. लि. फर्म बनाई थी. इस फर्म के माध्यम से आरोपी निवेश राशि का दोगुना लौटाने का झांसा देते थे. सुरक्षा कर्मी खुशाल चोपड़े सहित 14 लोगों ने आरोपियों के पास 28 लाख का निवेश किया. रुपए वापिस मांगने पर आरोपी फरार हो गए. मानकापुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज किया है.




