– हिंगना तहसील सबसे ज्यादा प्रभावित, 9 टैंकरों से पहुंचाया जा रहा पानी
– जलसंकट से निपटने 105 निजी कुएं अधिग्रहित, 82 करोड़ की योजना मंजूर
नागपुर :- तापमान बढ़ने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में जलसंकट का असर दिखना शुरू हो गया है। अप्रैल महीने में हिंगना तहसील के 3 गांवों में टैंकर से जलापूर्ति की शुरुआत हुई । धीरे-धीरे अन्य गांव भी जलसंकट में चपेट में आने शुरू हो गए हैं। आज की स्थिति में 11 गांवों में टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। 105 निजी कुओं का अधिग्रहण किया जा चुका है। जलसंकट से निपटने के लिए जलसंकट निवारण उपाय योजना पर 82 करोड़ निधि का नियोजन प्रारूप मंजूर किया गया है।
हिंगना तहसील में सर्वाधिक टैंकर : जलसंकट से निपटने के लिए जलसंकट निवारण उपाययोजना प्रारुप में 97 टैंकर से जलापूर्ति का नियोजन है। हिंगना तहसील के सर्वाधिक 9 टैंकर से नागपुर जलापूर्ति की जा रही है। ग्रामीण और रामटेक तहसील में 1-1 टैंकर जलापूर्ति के लिए चलाए जा रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर अन्य गांवों टैंकर से जलापूर्ति के लिए प्रशासन ने तैयारी की है।
341 कुओं के अधिग्रहण का नियोजन: जलसंकट को मात देने जिले में 341 निजी कुओं के अधिग्रहण को नियोजन प्रारूप में मंजूरी दी है। 105 कुओं का अधिग्रहण हो चुका है। नरखेड़ तहसील में सबसे ज्यादा 23 निजी कुएं अधिग्रहित किए गए हैं। उमरेड तहसील में 20, काटोल 18, मौदा 9, कुही 8, हिंगना, नागपुर ग्रामीण, भिवापुर प्रत्येकी 4, सावनेर और कलमेश्वर प्रत्येकी 5, कामठी और रामटेक 2-2 और पारशिवनी तहसील में 1 कुएं का अधिग्रहण किया गया है। आवश्यकता के अनुसार अन्य तहसीलों में कुओं का अधिग्रहण प्रस्तावित है।
अन्य उपाय योजना की धीमी गति : जलसंकट उपाययोजना अंतर्गत टैंकर से जलापूर्ति तथा कुओं के अधिग्रहण के अलावा अन्य उपाय योजनाएं प्रस्तावित है।
धीमी पड़ी जलसंकट निवारण योजनाएं
जलापूर्ति योजना की दुरुस्ती, अस्थायी जलापूर्ति योजना क्रियान्वयन, कुओं की गहराई बढ़ाना व गादी साफ करना, बोरवेल फ्लशिंग, हैंडपंप दुरुस्ती आदि का समावेश है। इन उपाययोजना के क्रियान्वयन की गति धीमी है, जिसके चलते जिले में जलसंकट गहराता जा रहा है। सभी उपाय योजना के काम को प्रशासकीय मंजूरी मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही प्रत्यक्ष अमल की शुरुआत होने की सूत्रों ने जानकारी दी।