– भूजल स्तर में गिरावट से बढ़ी परेशानी, जल्द होटल संचालकों की बैठक
नागपुर :- शहर में पानी की कमी को देखते हुए होटल व्यवसायियों की चिंता बढ़ गई है। आगामी त्योहारी सीजन और दिसंबर में होने वाले राज्य विधानमंडल के शीतकालीन अधिवेशन के दौरान होटलों में ग्राहकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पानी की बढ़ती मांग और राज्य सरकार की ओर से लागू जल कटौती को देखते हुए नागपुर रेजिडेंशियल होटल्स एसोसिएशन (एनआरएचए) जल्द ही होटल संचालकों की बैठक आयोजित करेगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजिंदर सिंह रेणु के अनुसार, शीतकालीन अधिवेशन के दौरान शहर के होटलों में बड़ी संख्या में मेहमान ठहरते हैं, जिससे पानी की खपत बढ़ जाती है। वहीं, हालिया भूजल सर्वेक्षण रिपोर्ट में नागपुर का भूजल स्तर पिछले पांच वर्षों के औसत के मुकाबले लगभग आधा बताए जाने से चिंता और बढ़ गई है। बैठक में प्रशासन की ओर से जारी जल कटौती संबंधी निर्देशों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही पानी की बचत और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर चर्चा होगी। होटल संचालक पहले से ही पानी के पुनः उपयोग और वैकल्पिक जलस्रोतों के जरिए खपत कम करने का प्रयास कर रहे हैं।

…तो टैंकर से खरीदना पड़ेगा पानी
रेणु ने बताया कि पीने के लिए अधिकतर होटलों में बोतलबंद या आरओ का पानी इस्तेमाल किया जाता है, जबकि अन्य जरूरतों के लिए बोरवेल और कुओं के पानी पर निर्भरता रहती है। यदि ये जलस्रोत भी सूखने लगे, तो टैंकर से पानी खरीदने की नौबत आ सकती है। हालांकि, टैंकर का पानी पीने के लिए उपयुक्त नहीं होता। उन्होंने कहा कि होटल संचालक पानी की बर्बादी रोकने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन सफाई, बर्तन धोने और कपड़े धोने जैसी आवश्यक गतिविधियों में पानी की खपत को बहुत कम करना मुश्किल है। ऐसे में ग्राहकों से भी पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की जाएगी।
रेणु ने जल कटौती के साथ पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ठोस उपाय करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कम बारिश और संभावित रूप से गंभीर होते जल संकट को देखते हुए सरकार से दीर्घकालीन समाधान की दिशा में कदम उठाने की मांग की।








