यासीन शेख गोंदिया,गोरेगांव :- अर्जुनी-मोरगांव विधानसभा क्षेत्र के किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विधायक राजकुमार बडोले ने राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल से मुंबई स्थित मंत्रालय में मुलाकात की। इस दौरान बडोले ने दो महत्वपूर्ण मांगों को लेकर पत्र सौंपे। इनमें खरीफ सीजन 2025-26 में धान उत्पादन में हुई भारी वृद्धि को देखते हुए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने के लिए अतिरिक्त 10 लाख क्विंटल खरीद सीमा मंजूर करने तथा मक्का खरीद प्रक्रिया को तेज करने के लिए निजी गोदाम किराए पर उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से की गई है।
धान खरीद सीमा बढ़ाने की मांग
अर्जुनी-मोरगांव, सडक अर्जुनी और गोरेगांव इन तीनों तहसीलों में खरीफ सीजन के दौरान धान का उत्कृष्ट उत्पादन हुआ है। औसतन 39 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन दर्ज किया गया है। लेकिन वर्तमान खरीद सीमा अपर्याप्त होने के कारण कई किसानों को MSP दर पर धान बेचने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते किसानों को निजी व्यापारियों को कम कीमत पर धान बेचना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इसी पृष्ठभूमि में विधायक राजकुमार बडोले ने मंत्री छगन भुजबल को पत्र लिखकर तथा उनसे मुलाकात कर अतिरिक्त 10 लाख क्विंटल धान खरीद सीमा तत्काल मंजूर करने का अनुरोध किया है। बडोले ने पत्र में कहा कि, “किसानों की मेहनत का उचित मूल्य मिलना चाहिए। यदि वर्तमान सीमा बढ़ाई जाती है, तो किसानों को MSP का लाभ मिलेगा और उनका आर्थिक नुकसान टलेगा।”
मक्का खरीद के लिए निजी गोदामों की मांग
दूसरे पत्र में अर्जुनी-मोरगांव और सडक अर्जुनी तहसीलों के मक्का उत्पादक किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मक्का उत्पादन होता है, लेकिन सरकारी गोदामों की उपलब्धता और क्षमता कम होने के कारण खरीद प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चल रही है। इससे किसानों को मक्का कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है।
विधायक बडोले ने मांग की है कि “सरकारी गोदाम कम पड़ रहे हैं, इसलिए निजी गोदाम किराए पर लेकर खरीद प्रक्रिया को तेज किया जाए।” उनका मानना है कि इससे खरीद अभियान तेजी से चल सकेगा और किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल पाएगा।
किसानों के हित में लगातार प्रयास
विधायक राजकुमार बडोले लगातार किसानों के हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रयासरत रहते हैं। मंत्रालय में सौंपे गए इन दोनों पत्रों में किसानों की समस्याओं का तथ्यात्मक विश्लेषण करते हुए तत्काल निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है। साथ ही उम्मीद जताई गई है कि क्षेत्र के किसानों की इन मांगों को जल्द मंजूरी मिलेगी।
किसानों ने भी उम्मीद जताई है कि सरकार सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें राहत देगी। कृषि क्षेत्र में यह आशा व्यक्त की जा रही है कि इन दोनों मांगों पर जल्द ही सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।