– कंटेंट क्रिएटर ने लगाई हाईकोर्ट में गुहार
नागपुर :- विदेशी महिला को अश्लील संदेश भेजने के आरोप में इंस्टाग्राम खाता निष्क्रिय किए जाने के बाद एक कंटेंट क्रिएटर ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि यह उसकी आजीविका का साधन है, पहली गलती माफ की जाए और खाते का डेटा डिलीट न किया जाए। मामले पर न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की पीठ के समक्ष हुई। यह कंटेंट क्रिएटर दिघोरी निवासी है, उसके इंस्टाग्राम पर लगभग 1,500 फॉलोअर्स हैं। महिला की शिकायत के बाद मेटा इंडिया ने उसका अकाउंट निष्क्रिय कर दिया। इसके खिलाफ उसने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स शिकायत निवारण समिति में अपील की, लेकिन समिति ने मेटा की कार्रवाई को सही ठहराया, जिस कारण उसने हाईकोर्ट में गुहार लगाई। इस बीच, खाता निष्क्रिय किए जाने के 180 दिनों बाद डेटा स्वतः डिलीट हो जाता है। वर्तमान में 179वां दिन चल रहा है और डेटा स्थायी रूप से नष्ट न हो, अन्यथा उसे भारी नुकसान होगा, ऐसा दावा उसने न्यायालय के समक्ष किया। इस मामले में न्यायालय ने केंद्र सरकार, शिकायत निवारण समिति और मेटा इंडिया को नोटिस जारी कर 18 मार्च तक जवाब मांगा है। साथ ही, अगले आदेश तक डेटा डिलीट न करने का निर्देश देते हुए युवक को अंतरिम राहत प्रदान की है। इस मामले में युवक की ओर से एड. प्रीति बडवाईक ने पक्ष रखा, जबकि केंद्र सरकार की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एड. कार्तिक शुकूल ने पैरवी की।