ब्लैकमेलिंग की शिकायत करके फंस गया खरात

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– फडणवीस कैबिनेट के 9 भक्त मंत्री भी फंसे !

मुंबई :- नाशिक के बहुचर्चित स्वयंभू ‘कैप्टन’ अशोक खरात मामले में हर दिन होने वाले खुलासे महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है. महिलाओं के यौन शोषण के आरोपी खरात का काला साम्राज्य किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने ही ऑफिस बॉय ने ढहा दिया है. दरअसल खरात ने ऑफिस बॉय के खिलाफ 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी. मामला तूल पकड़ा और जांच में जुटी पुलिस के हाथ खरात के ही कुकर्मों के सबूत लग गए. दरअसल खरात अपने पास समस्याओं के समाधान के लिए आने वाली महिलाओं को चमत्कारी शक्तियों का झांसा देकर हवस का शिकार बनाता था और उनके साथ बिताए गए अंतरंग पलों के वीडियो बना लेता था. खरात के ‘प्रॉपर्टीज एंड डेवलपर्स’ कार्यालय में काम करने वाले नीरज जाधव को इसकी भनक लग गई. उसने चुपके से खरात द्वारा महिलाओं के साथ किए गए कथित अनाचार के वीडियो हथिया लिए थे जिनमें 100 से अधिक महिलाओं के यौन शोषण के दृश्य कैद थे. इन्हीं वीडियो के दम पर नीरज ने खरात से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी लेकिन खरात ने अपने रसूखों के बल पर नीरज को निपटाने का प्रयास किया. उसने नीरज के खिलाफ वीवी पुलिस थाने में एक्सटॉर्शन का मामला दर्ज करा दिया लेकिन उसका दांव उल्टा पड़ गया. पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद नीरज ने खरात की शिकार बनीं महिलाओं को वीडियो भेजना शुरू किया. उन्हीं पीड़ित महिलाओं में से एक महिला की शिकायत की जांच के दौरान खरात के काले कारनामों की पोल खुल गई. बताया जा रहा है कि खरात की गिरफ्तारी के बाद नीरज ने भी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और वह पुलिस हिरासत में है.

राऊत ने इस मामले की तुलना अमेरिका के कुख्यात ‘जेफ्री एपस्टीन’ केस से करते हुए कहा कि ‘कैप्टन’ फाइल उससे भी कहीं अधिक भयानक है. उन्होंने दावा किया कि यदि पुलिस खरात के मोबाइल और कार्यालय से मिले वीडियो सार्वजनिक कर दे तो महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार गिर जाएगी. राऊत के अनुसार, इन वीडियो में भारतीय जनता पार्टी और सत्ताधारी गठबंधन के कई बड़े नेताओं के चेहरे शामिल हैं.

मंत्रियों ने भी इस्तीफा देना चाहिए

इस मामले ने जमकर राजनीति शुरू हो गई है. शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के सांसद संजय राऊत ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि राज्य मंत्रिमंडल के 9 मंत्री भोंदू बाबा खरात के पक्के भक्त थे. राऊत के अनुसार, ये मंत्री खरात के पास जाकर ‘अत्यंत घृणास्पद’ तांत्रिक अनुष्ठान (काला जादू) करते थे. उन्होंने मांग की है कि नैतिकता के आधार पर इन मंत्रियों को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.