– मिर्च पाउडर फेंककर तलवार-कुल्हाड़ी से की थी हत्या
नागपुर :- हुडकेश्वर थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में हुई वैभव सुरेश मुर्ते हत्याकांड में नागपुर जिला एवं सत्र न्यायालय-16 ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-16 मोहतेसिम बदर ने 2 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया। दोषी ठहराए गये आरोपियों में रितीक धन्नुप्रसाद माझी (20), कुणाल नारायण बचेरे (24), गोपाल उर्फ गोलू कमलेश त्रिवेदी (21) और निरंजन उर्फ तुक्या विजयराव सावले (20) शामिल हैं।
अदालत ने चारों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास और प्रत्येक को 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, शस्त्र अधिनियम की धारा 4 व 25 के तहत दो वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रत्येक को 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई। जुर्माना न भरने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास होगा।
घटना 4 जून 2020 की शाम करीब 6 बजे की है। आरोपी कुणाल ने उधारी के पैसे वापस करने के बहाने भोले नगर, हुडकेश्वर निवासी वैभव सुरेश मुर्ते (34) को पडोले सभागृह के पास बुलाया था। वहां आरोपियों ने पहले वैभव की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका और फिर तलवार व कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। मृतक के भाई सुमंत सुरेश मुर्ते की शिकायत पर हुडकेश्वर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। पुलिस ने 5 जून 2020 को चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
जांच के बाद कोर्ट में दाखिल हुआ था आरोप पत्र:
मामले की जांच तत्कालीन सहायक पुलिस निरीक्षक सत्यवान बी. कदम ने की और जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से एड. रवि आष्टनकर और एड. कांती शेख ने पैरवी की। आरोपियों की ओर से एड. जलतारे और चेतन ठाकुर ने पक्ष रखा। मामले में कोर्ट पैरवी अधिकारी के रूप में महिला पुलिस हवलदार कीर्ति फुकट और महिला पुलिस हवलदार सोनू ने कार्य किया। सबूत और गवाहों के आधार पर अपराध सिद्ध होने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।



