– 7,035 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
– 111 करोड़ की सुरक्षा ढाल: पूरे राज्य में बस अड्डों और डिपो पर डिजिटल पहरा
नागपुर :- राज्य के कोने-कोने तक दौड़ने वाली ‘लालपरी’ (एसटी बस) की सुरक्षा अब अत्याधुनिक तकनीक से सज्ज होने जा रही है. संभावित्त आतंकी और असामाजिक गतिविधियों के खतरे को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) ने एक महत्वाकांक्षी ‘नया सीसीटीवी प्रोजेक्ट’ शुरू किया है. इस परियोजना के तहत बस अड्डों से लेकर विभागीय कार्यालयों तक सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर डिजिटल निगरानी तंत्र (सीसीटीवी प्रोजेक्ट) स्थापित किया जाएगा. यह जानकारी परिवहन मंत्री तथा एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने दी. यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए 111 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस निधि से बस अड्डे, डिपो, विभागीय व केंद्रीय कार्यशालाएं, विभागीय कार्यालय तथा भोसरी स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान जैसे संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. कुल 633 स्थानों पर 7,035 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिससे एसटी परिसरों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी. परियोजना का कार्य ई-निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित टेलीकम्युनिकेशन कंसल्टेंट इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) को सौंपा गया है. एक वर्ष की निर्धारित अवधि में इस परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है और कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है.
इस परियोजना के लागू होने से एसटी बस अड्डों और कार्यालयों में सुरक्षा का नया अध्याय शुरू होगा. यात्रियों का विश्वास और मजबूत होगा तथा किसी भी अप्रिय घटना पर त्वरित नियंत्रण संभव हो सकेगा नया सीसीटीवी प्रोजेक्ट केवल कैमरे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एसटी की सुरक्षा को डिजिटल कबध प्रदान करने और यात्रियों के विश्वास को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, इससे ‘लालपरी’ का सफर न केवल तेज, बल्कि अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और तकनीक संपन्न बनेगा.
एक साल में पूरा होगा हाईटेक सुरक्षा मिशन
मुंबई में स्थापित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (सेंट्रल कंट्रोल रूम) की यूजर एक्सेटेस टेस्टिंग (यूएटी) सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है. इस नियंत्रण कक्ष से राज्य भर में लगे सभी कैमरों की निगरानी केंद्रीकृत तरीके से की जाएगी, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी. पायलट चरण में मुंबई, ठाणे, रायगढ़ पर सीसीटीवी प्रणाली सफलतापूर्वक स्थापित की जा चुकी है, नागपुर सहित शेष 27 विभागों व अन्य कार्यशालाओं और कार्यालयों में कैमरे लगाने की प्रक्रिया जारी है.