– विदर्भ की औद्योगिक तक़दीर बदलेगा डिफेंस कॉरिडोर: निवेश, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय
नागपुर :- महाराष्ट्र की नई औद्योगिक नीति के तहत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा दांव खेला है. राज्य को देश के प्रमुख डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में नागपुर–वर्धा–अमरावती डिफेंस कॉरिडोर का ऐलान किया गया है. यह कॉरिडोर न सिर्फ उद्योग और निवेश को नई उड़ान देगा, बल्कि विदर्भ के आर्थिक नक्शे को पूरी तरह बदलने वाला कदम माना जा रहा है.
महाराष्ट्र सरकार नागपुर, वर्धा और अमरावती को जोड़ते हुए करीब 25० किलोमीटर लंबे डिफेंस कॉरिडोर का विकास करेगी. इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अगले 5 वर्षों के भीतर लगभग 3० हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है. डिफेंस कॉरिडोर के जरिए रक्षा उत्पादन से जुड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित किया जाएगा, साथ ही छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़े अवसर मिलेंगे.
नागपुर को इस कॉरिडोर का कोर डिफेंस और लॉजिस्टिक्स हब बनाया जाएगा, जहां अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों का निर्माण, परीक्षण और सप्लाई चेन विकसित होगी.
ट्रिलियन-डॉलर इकोनॉमी की ओर कदम
वर्धा और अमरावती में सहायक उद्योग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, ट्रेनिंग सेंटर्स और सपोर्ट यूनिट्स स्थापित की जाएंगी. इससे हजारों युवाओं को रोजगार, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी. सरकार का दावा है कि यह डिफेंस कॉरिडोर महाराष्ट्र को ट्रिलियन-डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगा और विदर्भ को औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा.







