– सोमवार सुबह एक्यूआई 183 दर्ज
नागपुर :- उपराजधानी नागपुर में वायु प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है. सोमवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 183 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक श्रेणी में आता है. इस दौरान हवा में पीएम 1० का स्तर 139 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर 1०4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया.
खराब वायु गुणवत्ता को लेकर जहां राजधानी दिल्ली और एनसीआर पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं, वहीं अब महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में भी हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. शहर में बढ़ता वायु प्रदूषण अब एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप लेता जा रहा है. सोमवार सुबह नागपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 183 दर्ज किया गया, जो सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर श्रेणी में आता है.
चिंता की बात यह है कि इस दौरान हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व खतरनाक स्तर तक पहुंच गए. पीएम 1० का स्तर 139 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर 1०4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो मानक सीमा से कहीं अधिक है. विशेषज्ञों के अनुसार, इतने अधिक सूक्ष्म कण सांस के जरिए सीधे फेफड़ों में पहुंचकर दमा, एलर्जी, आंखों में जलन और हृदय रोग से पीडि़त लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं.
शहर की बिगड़ती आबोहवा को लेकर नागरिकों में गहरी चिंता देखी जा रही है. लोग प्रशासन से ठोस और तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि उपराजधानी की हवा को और अधिक जहरीला होने से रोका जा सके और आम जनता की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.




