नागपुर :- शहर के चर्चित मेडिट्रिना अस्पताल घोटाले मामले में सह-निदेशक डॉ. समीर पालतेवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अदालत ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान उनकी पुलिस हिरासत शनिवार, 18 अक्टूबर तक बढ़ाने का आदेश दिया है। पुलिस ने अदालत से दलील दी कि पूछताछ के दौरान कई अहम बिंदु सामने आए हैं और कुछ वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जाँच अभी अधूरी है। इसलिए आरोपी की हिरासत बढ़ाना आवश्यक है ताकि मामले की तह तक पहुँचा जा सके। अदालत ने यह दलील स्वीकार करते हुए हिरासत अवधि बढ़ा दी। रामदास पेठ स्थित मेडिट्रिना अस्पताल शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों में से एक माना जाता है, लेकिन अपनी स्थापना के समय से ही यह संस्थान विवादों में घिरा रहा है। जमीन आवंटन, निर्माण अनुमति और वित्तीय लेनदेन को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
हाल ही में सामने आए घोटाले में आरोप है कि अस्पताल के संचालन के दौरान सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले फंड और बीमा राशि में भारी अनियमितताएँ की गईं। जांच एजेंसियों ने अस्पताल के वित्तीय रिकॉर्ड, कर दस्तावेज़ और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी जब्त की है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को कुछ ऐसे संदिग्ध लेन-देन मिले हैं जिनमें निजी खातों के माध्यम से बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन लेन-देन में अन्य निदेशक या प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल थे। पुलिस अब डॉ. पालतेवार से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घोटाले में और कौन-कौन शामिल था और वित्तीय गड़बड़ी किस स्तर तक की गई। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।



