– जेल से छूटे युवक के साथ रचाया विवाह
वर्धा :- किशोरी को भगा ले जाने के मामले में जेल से छुटे युवक के साथ ही मंदिर में विवाह रचाया. कुछ महीने दोनों साथ रहे. इसी बीच नाबालिग पत्नी गर्भवती रही. उपचार के लिए डॉक्टर के पास पहुंचने पर मामला प्रकाश में आया. इस बेचिदे मामले में पुनः युवक के खिलाफ विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. आरोपी का नाम कुंदन जयसिंग चव्हाण (22) बताया गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी कुंदन के 17 वर्षीय किशोरी के साथ तीन वर्ष से प्रेमसंबंध थे. इस बीच 2024 को दोनों साथ भागे भी थे. प्रकरण में पीड़िता की मां ने सेलू थाने में शिकायत देने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया. आरोपी कुंदन व पीड़िता की खोज कर वापिस लाया. कुंदन को कोर्ट ने जेल पास कर दिया. कुछ दिनों बाद कुंदन को जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया. फिर कुंदन ने 26 जनवरी 2025 को पीड़ित किशोरी के साथ एक मंदिर में विवाह रचाया. पश्चात दोनों 24 अप्रैल 2026 तक पीड़िता के मां के यहां रहे. इस बीच दोनों में शारिरीक संबंध भी बने. इसमें पीड़िता चार माह की गर्भवती रही. यह बात ध्यान में आने से पीड़िता की मां ने दोनों को उनके गांव जाने के लिए कहा. इसलिए कुंदन नाबालिग पत्नी को लेकर पुणे जिले के नवले बस्ती ताथवडे में रहने चले गया.
छठवां महीना लगने पीड़िता रिश्तेदार के साथ अस्पताल में गई. जहां डॉक्टर ने आधार कार्ड देखने पर पीड़िता की आयु 18 वर्ष से कम पायी गई. यह बात डॉक्टर ने स्थानीय पुलिस को बताई. संबंधित पुलिस ने मामला वर्धा जिले का होने से देवली पुलिस को सूचना दी. जांच-पड़ताल के बाद प्रकरण में कुंदन चव्हाण के खिलाफ पुनः बाल विवाह प्रतिबंधक कानून के साथ ही विविध धाराओं के तहत देवली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.