– मुनिया कंजर्वेशन को नहीं मिल रही गति
नागपुर :- बुटीबोरी के मुनिया क्षेत्र में जल्द ही एक नई जंगल सफारी तैयार होने की उम्मीद थी। राज्य सरकार ने मुनिया क्षेत्र को फॉरेस्ट कंजर्वेशन के लिए मंजूरी दी है। नागपुर वन विभाग ने इसे साकार करने के लिए 90 लाख रुपए का प्रस्ताव वर्षों पहले भेजा था, लेकिन इसके लिए आज तक सहमति नहीं मिल सकी है, जिससे नागपुर को एक अतिरिक्त जंगल सफारी का सपना अधूरा दिखाई दे रहा है। इस नई सफारी के साकार होने से नागपुर निवासियों को नई जंगल सफारी का लाभ मिलने वाला था। इस सफारी के साकार होने से आस-पास के 15 गांव के लोगों को रोजगार मिल सकता है।
नागपुर प्रादेशिक इलाके में वन विभाग के 4 सब डिवीजन हैं, जिसमें उमरेड, रामटेक, काटोल व नागपुर शामिल हैं। सभी डिवीजन में पार्क, सफारी, जू आदि की सुविधा है। जहां हर साल हजारों सैलानी घूमने जाते हैं। इसमें एक नया फॉरेस्ट कंजर्वेशन क्षेत्र मुनिया को जोड़ने की तैयारी है। यह नॉर्थ उमरेड व बुटीबोरी के बीच बसा हुए 96 वर्ग किमी का क्षेत्र है। यहां मुनिया नामक पक्षियों की तादात काफी है। यहां सफारी बनने से लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध हो सकता है। वन विभाग की मानें, तो इसके लिए पहला व्यवस्थापन प्रारूप तैयार है, जिसमें इस क्षेत्र में कितने गेट रहेंगे, किस तरह से नियोजन होगा, कितनी जिप्सी रखी जाएगी, कितने ग्राम निवासियों को रोजगार उपलब्ध होगा आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। करांडला में भले ही बाघों की मौजूदगी ज्यादा है, लेकिन यहां बहुत ज्यादा घने घास और होने के कारण वन्यजीवों का आसानी से दीदार नहीं होता है। मुनिया क्षेत्र में ज्यादा घास या घने पेड़ नहीं हैं। ज्यादातर इलाका खुला है। पानी पीने आने वाले वन्यजीवों को दूर से ही देखा जा सकता है। ऐसे में परिसर में मौजूद बाघ, भालू, सिल्वर भालू, तेंदुआ व हिरण सैलानी आसानी से देख सकते हैं।