spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

त्रिभाषी नीति समिति के समक्ष नागपुरवासियों की राय

 – भाषा से बनता है चरित्र और संस्कार”

नागपुर :- भाषा संस्कृति से जुड़ी होती है और केवल बोलने तक सीमित नहीं होती। भाषा से ही व्यक्ति का चरित्र और व्यक्तित्व निर्धारित होता है, इसलिए प्री-प्राइमरी और प्राइमरी स्तर पर मराठी भाषा (मातृभाषा) अनिवार्य होनी चाहिए, यह बात नागपुरवासियों ने शुक्रवार को त्रिभाषी नीति समिति के समक्ष स्पष्ट रूप से कही।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, राज्य में त्रिभाषी नीति निर्धारण हेतु डॉ. नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। यह त्रिभाषी नीति समिति राज्य भर में भ्रमण कर विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों से संवाद करेगी। इसकी शुरुआत शुक्रवार को नागपुर से हुई। शुक्रवार को सदर स्थित जिला योजना भवन में त्रिभाषी नीति समिति का संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र जाधव, पूर्व विधायक नागो गणर, मराठी भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अविनाश अवलगांवकर, समिति सदस्य वामन केंद्र, डॉ. अपर्णा मोरिस, महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षा परिषद मुंबई के उपनिदेशक संजय दोरलीकर, नागपुर संभागीय शिक्षा उपनिदेशक डॉ. माधुरी सावरकर आदि उपस्थित थे। सर्वप्रथम संजय दोरलीकर ने समिति के बारे में जानकारी प्रस्तुत की। पूर्व विधायक नागो गणर ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में प्राथमिक शिक्षा केवल मराठी में ही प्रदान की जानी चाहिए। भाषा का संबंध संस्कृति से होता है। उन्होंने कहा कि भाषा से ही व्यक्ति का चरित्र और व्यक्तित्व निर्धारित होता है।

शिक्षक परिषद की पूजा चौधरी ने विचार व्यक्त किया कि प्राथमिक शिक्षा मराठी में अनिवार्य की जानी चाहिए, तीसरी से छठी कक्षा तक एक विदेशी भाषा और छठी से आठवीं कक्षा तक तीसरे चरण में हिंदी भाषा पढ़ाई जानी चाहिए। इस अवसर पर कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर, त्रिभाषी नीति समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जाधव ने कहा कि महाराष्ट्र में वर्तमान में स्कूली शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या लगभग 2 करोड़ 12 लाख है। त्रिभाषी नीति समिति के दृष्टिकोण से, समिति की रिपोर्ट कम से कम 20 वर्षों तक मान्य रहेगी। इस समिति को इन 20 वर्षों के दौरान 42 से 44 करोड़ बालक-बालिकाओं के भविष्य पर विचार करना है। एक दृष्टि से, त्रिभाषी नीति समिति इन बच्चों के भविष्य को आकार देने का कार्य करेगी। इसलिए, यह रिपोर्ट बड़ी ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत की जाएगी। हमने अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से इस रिपोर्ट को भविष्योन्मुखी बनाने का लक्ष्य रखा है।


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.

Copyright Disclaimer: If Any Image, video or article belongs to its respective owner/creator. Full credit goes to the original creator. No copyright infringement intended.