– बंदियों की बनाई राखियों, हस्तनिर्मित वस्तुओं की बिक्री शुरू
नागपुर :- रक्षाबंधन के अवसर पर नागपुर मध्यवर्ती कारागृह में बंदियों के हुनर को प्रोत्साहन देने और उनके पुनर्वास की दिशा में पहल करते हुए राखियों एवं हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी-सह-बिक्री केंद्र शुरू किया गया। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने कारागृह परिसर स्थित बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कौशल प्रशिक्षण पूरा करने वाले 270 बंदियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किये गये।
प्रदर्शनी में महिला बंदियों द्वारा तैयार की गई आकर्षक राखियों के साथ हथकरघा साड़ियां, लकड़ी और लोहे की वस्तुएं, शोपीस, दरियां, आसनपट्टी, कपड़े, चादर, तौलिया और रुमाल सहित विभिन्न हस्तनिर्मित उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। कारागृह प्रशासन द्वारा बंदियों को रोजगारपूरक कौशल प्रदान करने के लिए लोहारकाम, सुतारकाम, बुनाई, पावरलूम, हैंडलूम, बेकरी, लॉन्ड्री और कार वॉशिंग सेंटर जैसे उपक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें काम करने वाले बंदियों को उनके श्रम के बदले पारिश्रमिक भी दिया जाता है। जिला कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता मार्गदर्शन केंद्र के सहयोग से 270 बंदियों को सिलाई, बढ़ईगिरी, क्राफ्ट, बेकरी, सोलर पैनल तकनीशियन, सहायक इलेक्ट्रीशियन, शेफ और हाउसकीपिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले बंदियों को कार्यक्रम के दौरान प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने बंदियों द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना करते हुए नागरिकों से इन्हें खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि गलती के बाद भी व्यक्ति को खुद को सुधारकर बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बंदियों से अतीत को पीछे छोड़ मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने तथा रिहाई के बाद जिम्मेदार नागरिक के रूप में परिवार और समाज का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
यह बिक्री केंद्र वर्धा रोड स्थित रहाटे कॉलोनी मेट्रो स्टेशन के पास नागपुर मध्यवर्ती कारागृह परिसर में शुरू किया गया है। नागरिक यहां सुबह 9 से रात 8 बजे तक हस्तनिर्मित वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं। कार्यक्रम में नागपुर मध्यवर्ती कारागृह के अधीक्षक वैभव आगे, अतिरिक्त अधीक्षक दीपा आगे सहित कारागृह अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।





