– एसएसपी हर्ष पोद्दार की जांच पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
नागपुर :- नागपुर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार द्वारा वर्ष 2017 में कोल्हापुर में सहायक पुलिस अधीक्षक (करवीर उपविभाग) के रूप में जांच किए गए एक गंभीर पॉक्सो मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला शिरोली एमआईडीसी पुलिस थाना, जिला कोल्हापुर क्षेत्र का है। 10 मई 2017 को गंगाराम नगर टोप, तह. हातकणंगले, जि. कोल्हापुर निवासी आरोपी दाद्या उर्फ प्रितम आनंदा शिंदे (31) ने 10 वर्षीय बालिका के साथ लैंगिक अत्याचार किया था। इस मामले में शिरोली एमआईडीसी पुलिस थाने में आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 452, 417, 342, 354, 376(2), 511 तथा पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 7, 8, 9(एम), 10 एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1) (डब्ल्यू) (प) के तहत मामला दर्ज किया गया था। तत्कालीन सहायक पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार ने मामले की गहन एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच करते हुए मजबूत साक्ष्य और प्रभावी गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने योग्य बनाया। जांच के दौरान संकलित ठोस साक्ष्यों के आधार पर सरकारी पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक पी. जे. जाधव ने प्रभावी पैरवी की। 17 जुलाई 2026 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश ए. आई. पेरमपल्ली ने आरोपी दाद्या उर्फ प्रितम आनंदा शिंदे को भारतीय दंड संहिता की धारा 452, 417, 342, 354-बी, 354 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 के तहत दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।




