– ताजबाग़ के सालाना उर्स में मौलाना अमीनुल कादरी की तक़रीर में उमड़ी भीड़
नागपुर :- हजरत बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह के १०४वें सालाना उर्स के अवसर पर ताजबाग़ में प्रख्यात मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सैयद अमीनुल क़ादरी की तक़रीर का कार्यक्रम आयोजित हुआ. कार्यक्रम में प्रमुख रूप से हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट के चेयरमैन प्यारे जिया खान, सचिव ताज अहमद राजा, उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र जिचकार, ट्रस्टी हाजी फ़ारूक बावला, हाजी इमरान खान ताजी, मुस्तफा टोपीवाला, गजेंद्रपाल सिंह लोहिया उपस्थित थे.
इस दौरान इस्लामी विद्वान धर्मगुरु मौलाना सैय्यद अमीनुल कादरी ने हज़रत बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह के १०४वें सालाना उर्स के अवसर पर आयोजित तक़रीर कार्यक्रम में उपस्थितों को संबोधित करते हुए अपने संबोधन में पैगंबर साहब (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के अंतिम संदेशवाहक होने के सिद्धांत साहित्य औलियााओं की महिमा और उनके चमत्कारों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि जो लोग वलियों के चमत्कारों को महज कहानियां बताकर उन्हें नकारते हैं, वे पिछले दरवाजे से धर्म पर पाबंदी लगाने की नाकाम कोशिश कर रहे है. 

मौलाना अमीनुल कादरी ने संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर ने धर्म को पूर्ण कर दिया है और अंतिम पैगंबर का ताज हजरत मोहम्मद साहब (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के सिर पर सजा दिया. अब कयामत तक कोई नया पैगंबर दुनिया में नहीं आएगा. उन्होंने जोर देकर कहा, इस बात पर विश्वास रखना उतना ही जरूरी है जितना अल्लाह को एक मानना और कयामत के दिन पर यकीन रखना. उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के दुनिया से जाने के बाद समाज को सही रास्ता दिखाने की जिम्मेदारी विद्वानों (उलेमा) और संतों (औलिया) पर है. विद्वान जहाँ तर्कों और किताबों के जरिए लोगों को समझाते हैं, वहीं संत अपनी आध्यात्मिक शक्तियों और चमत्कारों के जरिए उन कठोर दिलों को धर्म की तरफ लाते हैं जो सिर्फ किताबी तर्कों से संतुष्ट नहीं होते. उन्होंने कहा की बाबा ताजुद्दीन जन्मजात संत हैं. हज़रत बाबा ताजुद्दीन की महानता बताते हुए मौलाना ने कहा कि बाबा साहब जन्मजात संत और पैगंबर साहब के पवित्र वंश से हैं. उन्होंने एक मुख्य बिंदु पर बात करते हुए कहा कि बाबा ताजुद्दीन के पूर्वजों में 11 ऐसे महान बुजुर्ग शामिल हैं जो अपने समय के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु थे.
मुफ़्ती सलमान अजहरी की तक़रीर आज
बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट की जानिब से सालाना उर्स में कार्यक्रमों का सिलसिला जारी है. इसी क्रम में गुरुवार १६ जुलाई २०२६ को देश के प्रख्यात मुस्लिम धर्म गुरु मुफ़्ती सलमान अजहरी की तक़रीर का कार्यक्रम आयोजित किया गया है. कार्यक्रम रात १० बजे ताजबाग के उर्स कार्यक्रम के शामियाने में आयोजित होगा. मुफ़्ती सलमान अजहरी बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह के जीवन संदेशों पर प्रकाश डालेंगे.




