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महाराष्ट्र की पटरी पर विकास की रफ्तार

– रेलवे बजटः 23,926 करोड़, 2,400 किमी नई पटरी और 132 अमृत स्टेशन

मुंबई :- महाराष्ट्र में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर अब सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि विकास की रीढ़ बनता जा रहा है. हालिया बजटीय – आंकड़े बताते हैं कि राज्य में रेलवे पर – निवेश ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुका है. 2009-14 के दौरान जहां औसत वार्षिक बजट 1,171 करोड़ था, वहीं 2026-27 में यह बढ़कर 23,926 करोड़ हो गया लगभग 20 गुना उछाल. – इस निवेश का सीधा असर नई पटरियों, स्टेशन पुनर्विकास और सुरक्षा प्रणालियों पर दिख रहा है. इसके अलावा मुंबई कोंकण ट्रैक डबलिंग का काम भी तेजी से चल रहा है डीपीआर तैयार है और अप्रूवल फेज में है. ट्रैक डबलिंग से मुंबई से दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी राज्यभर में 1.70 लाख करोड़ से अधिक के रेलवे कार्य प्रगति पर हैं. इनमें – नई रेल लाइनें, स्टेशन रिडेवलपमेंट और सेफ्टी अपग्रेड शामिल हैं. ट्रैक-केंद्रित रणनीति के तहत 2014 के बाद करीब 2,400 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गईं, जो कई देशों के कुल रेल नेटवर्क से भी अधिक है. साथ ही, महाराष्ट्र में रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जिससे परिचालन लागत घटी है और गति व विश्वसनीयता बढ़ी है. यात्री अनुभव को बदलने के लिए अमृत स्टेशन योजना अहम भूमिका निभा रही है. महाराष्ट्र में 132 स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिन पर 5,675 करोड़ का निवेश तय है. इनमें से 17 स्टेशनों पर कार्य पूरा हो चुका है जिसमें लासलगांव, परेल, माटुंगा, वडाला रोड और बारामती जैसे अहम स्टेशन शामिल हैं.

प्रीमियम ट्रेनों की संख्या भी बढ़ी

आधुनिक सुविधाओं के साथ ये स्टेशन क्षेत्रीय विकास के केंद्र बन रहे हैं. कनेक्टिविटी के मोर्चे पर प्रीमियम ट्रेनों की संख्या भी बढ़ी है. राज्य से 12 जोड़ी वंदे भारत और 5 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है, जिससे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय घटा है. सुरक्षा के लिए 1,228 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए हैं, जबकि कवच सेफ्टी सिस्टम का विस्तार तेजी से चल रहा है.


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