– खरीफ सीजन से पहले बड़ा एक्शन: कालाबाजारी पर कृषि विभाग का शिकंजा, दो पर केस दर्ज
– किसानों को राहत देने की तैयारी: खाद की जमाखोरी करने वालों पर प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
नागपुर :- खरीफ सीजन में खाद और खेती के सामान की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कृषि विभाग अभियान चला रहा है, ताकि किसानों को खेती के सामान और खाद की आपूर्ति आसानी से हो सके। कृषि विभाग ने कहा है कि, खरीफ सीजन के लिए किसानों को बीज और खाद की कोई कमी नहीं होगी। नागपुर विभाग के छह जिलों में 19.53 लाख हेक्टेयर जमीन पर बुआई का नियोजन किया गया है। सरकार ने इसके लिए 7.100 लाख मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति को मंजूरी दी है।खाद की कालाबाजारी व जमाखोरी करने के आरोप में 183 खाद बिक्री केंद्रों को नोटिस जारी किए गए हैं। इस अभियान के तहत 183 खाद बिक्री केंद्रों को नोटिस जारी किए गए हैं। 43 खाद बिक्री केंद्रों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। दो बिक्री केंद्रों के खिलाफ अपराध दर्ज किए गए हैं।
खरीफ सीजन को देखते हुए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद और कृषि सामग्री की कालाबाजारी पर सख्ती शुरू कर दी है। नागपुर में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत अब तक 183 खाद बिक्री केंद्रों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 43 दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इसके अलावा, दो मामलों में आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए गए हैं।
कृषि विभाग का कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ विक्रेता: जैसी अनियमितताओं में लिप्त पाए जाते हैं, जिससे किसानों को भारी परेशानी होती है।
जिले में खाद और बीज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है किसानों को किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी अभियान के तहत क्या हो रहा है? खाद दुकानों की नियमित जांच स्टॉक और बिक्री रजिस्टर की जांच निर्धारित दरों पर बिक्री सुनिश्चित कराना शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई किसानों के लिए राहत इस सख्ती का सीधा फायदा किसानों को मिलेगा, क्योंकि: उन्हें उचित कीमत पर खाद और बीज मिल सकेगा कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर लगाम लगेगी.
कृषि विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कोई दुकानदार अधिक कीमत वसूलता है या खाद देने से मना करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत अधिकारियों से करें।
7.10 लाख मीट्रिक टन खाद की मंजूरी के बीच सख्ती
कृषि विभाग के सह संचालक उमेश घाडगे ने बताया कि, गैर-जरूरी खाद का स्टॉक करने और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि, वे खरीफ सीजन के लिए अपनी जरूरत के हिसाब से ही खाद और बीज खरीदें और किसी भी हालत में ज्यादा स्टॉक न करें। खाद का नियोजन करते समय, कृषि विभाग ने किसानों से सिर्फ यूरिया और डीएपी खाद पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे वैकल्पिक खाद का इस्तेमाल करने की अपील की है। खाद बिक्री केंद्र सिर्फ जिले के किसानों को ही खाद बेचें और बेचते समय मशीनों के जरिए बेचें। बचे हुए खाद के स्टॉक का रिकॉर्ड रखने की अपील विभागीय कृषि सह संचालक उमेश घाडगे द्वारा की गई है।

