गडचिरोली :- पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण करने वाले मल्लोजुला वेणुगोपालराव उर्फ सोनू उर्फ भूपति को माओवादियों की केंद्रीय समिति ने माओवादी संगठन से निष्कासित कर दिया है। इस संबंध में केंद्रीय समिति के प्रवक्ता की ओर से एक बयान जारी किया गया है। भूपति के अगले ही दिन छत्तीसगढ़ में 200 माओवादियों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले सतीश को भी संगठन से निष्कासित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, भूपति और सतीश के साथ आत्मसमर्पण करने वाले लगभग 271 माओवादियों को भी संगठन से निष्कासित कर दिया गया है। बयान में कहा गया है कि भूपति और सतीश दोनों गद्दार हैं। इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने दुश्मन, यानी पुलिस से हाथ मिला लिया है। हमें 2011 से ही भूपति पर शक था। इस पर्चे में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसके पुलिस से संबंध थे। केंद्रीय समिति ने इस पर्चे के माध्यम से यह भी घोषणा की है कि पुलिस और सुरक्षा बलों के खिलाफ हमारा सशस्त्र संघर्ष जारी रहेगा।
पोलिट ब्यूरो ने अपने पत्र में लिखा कि आत्मसमर्पण करने वाले भूपति और सतीश जैसे माओवादी नेता अवसरवादी और स्वार्थी थे। उन्होंने कई दशकों के माओवादी संघर्ष के साथ विश्वासघात किया है। दोनों ने अपने समर्थकों के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और माओवादियों के महत्वपूर्ण हथियार भी पुलिस को सौंप दिए। पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि दोनों को उचित समय पर उचित दंड दिया जाएगा। पत्र में लिखा है कि भूपति और सतीश को किसी भी हालत में माफ़ नहीं किया जाएगा। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि अगर उनके साथ आत्मसमर्पण करने वाले अन्य नक्सली भविष्य में माओवादी संगठन में वापस आना चाहेंगे, तो हम उन्हें वापस ले लेंगे।




