– फुटाला फाउंटेन के मिस्ट सिस्टम के लिए अलग जलापूर्ति की तैयारी
-तालाब के पानी से नोजल जाम होने का खतरा
नागपुर :- फुटाला तालाब के पास महामेट्रो की व्यूइंग गैलरी के लिए बिछाई जा रही 500 मिमी व्यास की पाइप लाइन से ट्रीटेड पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इस पानी का उपयोग फाउंटेन के मुख्य वॉटर जेट के लिए नहीं, बल्कि वहां लगाए गए मिस्ट सिस्टम के संचालन के लिए किया जाएगा। महामेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
अधिकारी के अनुसार, मिस्ट सिस्टम के नोजल के छिद्र बेहद छोटे होते हैं। ऐसे में फुटाला तालाब के पानी का इस्तेमाल करने पर उसमें मौजूद अशुद्धियों से नोजल जाम हो सकते हैं। इससे बार-बार सफाई या नोजल बदलने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए मिस्ट सिस्टम के लिए साफ पानी की व्यवस्था की जा रही है। फुटाला व्यूइंग गैलरी के पास 500 मिमी पाइप लाइन बिछाए जाने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह स्पष्टीकरण सामने आया है। मनपा के सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता श्रीकांत वायकर ने बताया कि महामेट्रो के अनुरोध पर मनपा द्वारा जल कनेक्शन का काम किया जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, कनेक्शन के स्थान पर 500 मिमी पाइप लाइन का व्यास घटाकर करीब 160 मिमी किया जाएगा। बड़े व्यास की पाइप लाइन का उद्देश्य महामेट्रो की सुविधा के लिए आवश्यक दबाव उपलब्ध कराना है। मनपा फिलहाल इंटरकनेक्शन का काम कर रही है। इसके बाद महामेट्रो को औपचारिक जलापूर्ति कनेक्शन के लिए नए सिरे से आवेदन करना होगा। कनेक्शन मिलने के बाद इसे मनपा के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।
दर्शकों की सुरक्षा भी अहम
परियोजना से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मिस्ट सिस्टम के लिए शुद्ध पानी का इस्तेमाल दर्शकों की सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। मिस्ट सिस्टम पानी को बेहद महीन बूंदों में बदलता है, जो हवा के साथ व्यूइंग गैलरी में मौजूद लोगों तक पहुंच सकती हैं। ऐसे में बिना उपचारित तालाब के पानी का इस्तेमाल करने पर दूषित बूंदों के संपर्क में आने का खतरा रह सकता है। महामेट्रो मिस्ट सिस्टम के लिए ताजे पानी को अलग से संग्रहित कर उसकी आपूर्ति करने की योजना बना रहा है।
तालाब के पानी से पहले भी आई थी दिक्कत
फुटाला फाउंटेन को अतीत में तालाब के पानी की गुणवत्ता के कारण तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। वर्ष 2023 में शैवाल की वृद्धि से पानी के भीतर की विद्युत वायरिंग, पंप और अन्य उपकरण प्रभावित हुए थे। प्रदूषण, सूक्ष्मजीवों की वृद्धि और जलकुंभी-खरपतवार के कारण विशेष सबमर्सिबल केबल, फाउंटेन के उपकरण और नोजल जेट भी प्रभावित हुए थे।
महामेट्रो द्वारा परियोजना का जिम्मा संभालने के बाद फाउंटेन का पुनरुद्धार कार्य जारी है। तकनीकी जांच के बाद नए केबल और पंप के उपकरण लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा फाउंटेन के सौंदर्यीकरण के तहत कृत्रिम बरगद के पेड़ की संरचना पर टेंसाइल फैब्रिक लगाने का काम भी चल रहा है।





