– उमडे जन सैलाब!
– सजने लगे माता के दरबार
– तैयारी पूर्ण घटस्थापना के साथ शुरू होगी नवरात्रि उत्सव !
– मेले का रहेगा विशेष आकर्षण!
काटोल :- नागपूर जिले में अग्रसर तहसील काटोल शहर की गणना पौराणिक एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की तौर पर होती है. महाभारत काल खंड में इस शहर का नाम कुंतलापुर,,कौंतेश्वर, कौतलापुर, था.
यह प्रदेश उस समय कौतल प्रदेश के नाम से जाना जाता रहा है. यहां कौतलेश्वर राजा का आधिपत्य था. पौराणिक नगरी का नाम कालमान के हिसाब से बदलता गया. काटोल यह नाम सर्वश्रुत हुआ. लेकिन इस शहर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक पाश्र्वभूमी का अध्ययन किया तो सच्चाई आती है. जाम नदी तथा अन्नपूर्णा नदी के संगम पर बसे हुए और इसी संगम पर कुंतलापुर नरेश राजा की राजधानी के नाम से प्रसिद्ध काटोल में चंद्रहास कालीन के अवशेष, स्वयंभू विराजमान राक्षसकालीन निर्माण हेमाडपंती मंदिर में विराजमान मॉ चंडिका मंदिर, विद्या की देवी मॉ सरस्वती का मंदिर है, जिसकी अति प्रचीन मंदिर में ख्याति हैं. इस कुंतलापुर नगरी का इतिहास पौराणिक ग्रंथों में जैमिनी, अश्वमेघ, पांडव प्रताप, भागवत पुराण, हरिविजय, भक्तीविजय आदि में मिलता है. विद्या की देवी माँ सरस्वती माता के संपूर्ण भारत वर्ष में दो ही स्वयम भू मंदिर हैं. एक बौद्ध गया ( बिहार ) में और दूसरा काटोल में स्थित है. जागृत चंडीका देवी तथा विद्या की देवी मॉ सरस्वती विराजमान हैं. अश्विन नवरात्रि के दौरान काटोल में बहुत बड़ा आयोजन किया जाता है.
नागपूर शहर तथा ग्रामीण आंचल व वरूड, मोर्शी, परतवाडा, अमरावती, आर्वी, आष्टी, कारंजा घाडगे, वर्धा, पुलगाव, गडचिरोली, चंद्रपूर, भंडारा, गोंदिया, अकोला, तुमसर, आलापली, तथा मध्यप्रदेश के भोपाल, इटारसी, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पांढुरना, मुलताई, पठण आधी शहरों व गांवों से अश्विन नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों का देवी दर्शन करने के लिए आते हैं.
नवरात्रि उस्सव के दौरान मेले का आयोजन किया जाता है. जो मॉ सरस्वती चॅरिटेबल ट्रस्ट एव नवरात्र उस्सव मंडल सरस्वती नगर काटोल द्वारा किया जाता है वहीं मॉ सरस्वती मंदिर का लोक वर्गणी मंदिर जीर्णोद्धार कर मंडल द्वारा चंदा इकठ्ठा कर किया गया..और मंदिर को एक आकर्षित रूप देकर रंगरंगोटी नये रूप में आकर्षित सजावट की गई है. तथा मंदिर एवं संपूर्ण परिसर की विददुत रोशनाई सजावट कर मंदिर के सामने राक्षशकालीन विशाल जलकुंड की सजावट मॉ सरस्वती चॅरिटेबल ट्रस्ट एव नवरात्र उस्सव मंडल सरस्वती नगर काटोल द्वारा की गई है. मंडल द्वारा नगरपालिका स्कूल नंबर ११ के मैदान पर मीना बाजार का आयोजन किया जाता है जिसमें विभिन्न प्रकार के झुले खान पान की दूकानें भी लगेगी.जो नागपुर निवासी अशरफ भाटी, अरशद भाटी एवं मध्यप्रदेश खंडवा निवासी संदीप चोबे, गुजरात निवासी प्रवीण गौसावी द्वारा आयोजन किया गया है.. प्रसिद्ध हेमाडपंती मंदिर में विराजमान देवी चंडीका माता मंदिर के चारों ओर आकर्षित लाइटिंग रोशनाई की जा रही है जो कितने वर्षों से न्यायालय कोर्ट-कचहरी के बाद कोर्ट के निर्देशों के संपन्न चुनाव प्रक्रिया के बाद मंदिर परिसर की व्यवस्था इस पिछले वर्ष से नये रूप से चुनकर आये मंदिर कमेटी द्वारा की जा रही है. इसी तरह नवरात्रि उस्सव मंडल द्वारा जगह – जगह माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की जाएगी.
नवदुर्गा प्रदर्शनी मंडल तार बाजार द्वारा मुंबई से लायी गयी रामयाण युद्ध के दौरान भगवान श्री राम जी और लंका नरेश रावण युध्द के दौरान आकाश में रावण द्वारा हवाई रथ युध्द करते वक्त राम भक्त हनुमान प्रभु श्री राम को अपने खंदो पर बैठ कर लका नरेश रावण वध का संपूर्ण स्वयंचलित दृश्य प्रस्तुत किया गया है. सार्वजनिक नवदुर्गा उस्सव मंडल धंतोली काटोल द्वारा विशालक काय मंदिर निर्माण कर प्रभु श्री राम भक्त सेवक हनुमान जी की विशाल रूप धारण प्रतिमा प्रस्तुत किया है. वही लगत के मैदान पर रास गरबे का आयोजन किया गया है. अखंड ज्योत नवदुर्गा उस्सव मंडल कुनबीपुरा गलपुरा चौक पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अलग अलग देवी की प्रतिमा स्थापित की जाती है इस वर्ष मुबंई की मुभा देवी माँ अवतार प्रतिमा माता की मूर्ति आकर्षित रहे गी. उसके लिए मंडल द्वारा विशालकाय मंदिर गुफा का निर्माण किया है. शारदीय नवरात्रि उस्सव मंडल धंतोली द्वारा भगवान श्री गणेश जी का नाम एक दन्त नाम कैसे रखा गया उस आधारित भगवान परशुराम तथा भगवान श्री गणेश युद्ध तथा माता पार्वती ने काली अवतार उग्र रूप धारण करने बाद भगवान वामन अवतार प्रगट होकार काली को शांत करने तब भगवान श्री गणेश जी को एक दन्त के नाम से जाने जाते उस पर आधारित देखावा प्रस्तुत किया गया है. नवदुर्गा उस्सव सांस्कृतिक मंडल पेठबुधवार सुभाष चौक द्वारा नव देवी का देखावा उसी प्रकार बंगाल के कलकत्ता यहां का प्रतिकृति मंदिर का निर्माण किया गया है. न. प चौक तहसील कार्यालय आंबेडकर चौक पर माता रानी मंडल द्वारा विशाल मंदिर का निर्माण कर उग्र रूप धारण करने वाली काली माता की प्रतिमा विराजमान की जा रही है. ( उसी प्रकार गुजराती समाज द्वारा नव दिन रात्री के समय रास गरबे का नगर भवन में आयोजन किया जाता है . ) काटोल जलालखेडा वरूड मोर्शी मार्ग पर काटोल से सात किमी दूरी पर विदेही सती अनुसया माता मंदिर परिसर है जो कि विदेही सती अनुसया माता मंदिर संस्थान द्वारा नवरात्रि का बड़े पैमाने आयोजन किया जाता है. जो मंदिर कमेटी के अध्यक्ष चरणसिंग ठाकूर द्वारा पूजा-अर्चना कर घट स्थापना कर विधीवत के साथ नवरात्रि का आयोजन किया जाता है इस दौरान आकर्षित रोशनाई परिसर की सजावट कि जाती है. अश्विनी नवरात्रोत्सवात के दौरान लाखो की संख्या में भक्तों जनसमूह माता मंदिर तथा काटोल नवरात्रि महोत्सव दिखाई देता है l

