– नागपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, 180 हिस्ट्रीशीटरों पर रहेगी पैनी नजर
नागपुर :- शहर में आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसने और अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए नागपुर पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने एक अनूठी पहल शुरू की है। ‘गुन्हेगारांचे आदान-प्रदान’ (अपराधियों का आदान-प्रदान) नामक इस अभियान के तहत अब हर सप्ताह सक्रिय अपराधियों की विशेष परेड आयोजित की जाएगी, ताकि किसी भी थाने में दर्ज मामलों या निवारक कार्रवाई से कोई भी आदतन अपराधी बच न सके।
नई व्यवस्था के तहत शहर के विभिन्न पुलिस थानों से हर सप्ताह लगभग 180 सक्रिय अपराधियों को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष पेश किया जाएगा। प्रत्येक पुलिस थाना अपने क्षेत्र के पांच गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपियों को उत्तर और दक्षिण क्षेत्रीय पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करेगा। इन बैठकों में पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), थाना प्रभारी और डिटेक्शन ब्रांच के अधिकारी मौजूद रहेंगे। परेड के दौरान प्रत्येक आरोपी का आपराधिक इतिहास, अपराध करने का तरीका (मोडस ऑपरेंडी), गतिविधि का क्षेत्र और विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की जानकारी प्रस्तुत की जाएगी। इसके आधार पर वरिष्ठ अधिकारी संबंधित आरोपी के खिलाफ निवारक कार्रवाई, तड़ीपार जैसी कानूनी कार्रवाई और अन्य आवश्यक कदमों पर निर्णय लेंगे।
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने बताया कि अक्सर आदतन अपराधी कई थाना क्षेत्रों में अपराध करते हैं, लेकिन उनकी जांच अलग-अलग थानों तक सीमित रह जाती है। नई व्यवस्था के तहत जिन आरोपियों के खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं, उन्हें संबंधित थानों को जांच के लिए सौंपा जाएगा, जबकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) करेगी। इस अभियान के अंतर्गत पुलिस आदतन अपराधियों की विस्तृत डोजियर (अपराध प्रोफाइल) भी तैयार करेगी, जिसमें उनका आपराधिक रिकॉर्ड, गिरफ्तारी का इतिहास, सहयोगियों की जानकारी और उनके खिलाफ की गई निवारक कार्रवाई का पूरा विवरण दर्ज रहेगा।
पुलिस उन लोगों की भी पहचान करेगी, जो आदतन अपराधियों को आर्थिक मदद पहुंचाते हैं या कानून से बचने में सहयोग करते हैं। जांच के दौरान यदि वेश्यावृत्ति गिरोह या अन्य आपराधिक नेटवर्क से संबंध सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। नागपुर पुलिस का मानना है कि इस नई पहल से विभिन्न पुलिस थानों के बीच सूचनाओं का बेहतर आदान-प्रदान होगा, जांच में तेजी आएगी और शहर के आदतन अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।




