– अतिरिक्त बूटीबोरी तक ले जाने की मांग
नागपुर :- बूटीबोरी और हिंगना औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंडों के समाप्त हो जाने के बाद, अतिरिक्तबूटीबोरी क्षेत्र विदर्भ में एक नए औद्योगिक केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है. इस क्षेत्र में देश-विदेश से आ रही प्रमुख परियोजनाओं के कारण भविष्य में बढ़ते यातायात और परिवहन आवश्यकताओं को देखते हुए, इस औद्योगिक क्षेत्र को मेट्रो रेल से जोडऩे की मांग अब जोर पकड़ रही है. वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए लगभग 5 हजार एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया युद्धस्तर पर चल रही है. कई नामी कंपनियों ने यहां अपनी परियोजनाएं शुरू कर दी हैं और कुछ कंपनियों का काम अंतिम चरण में है. इनमें अवाडा इलेक्ट्रो, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, वर्धन लिथियम, क्रााफ्ट्समैन ऑटोमेशन, एल. जी. बालकृष्ण एंड ब्रदर्स, इंडियन ऑयल बायोफ्यूल्स, पैनोर्ड रिकार्ड इंडिया कॉर्पोरेशन, बैद्यनाथ एड्रॉइट हेल्थकेयर और कई अन्य छोटे और मध्यम उद्यमों ने यहां अपनी उपस्थिति स्थापित की है.
आवासीय कॉलोनियां विकसित करें
नागपुर की तुलना में अतिरिक्त बुटीबोरी में जमीन की कीमतें सस्ती होने के कारण उद्योगपतियों ने एक नया विकल्प सुझाया है. पवनार से एडिशनल बूटीबोरी की दूरी मात्र 33 किलोमीटर है. इसलिए, औद्योगिक संघों का कहना है कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, पवनार की ओर श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनियों के विकास पर जोर दिया जाना चाहिए. अतिरिक्त बुटीबोरी सिर्फ कारखानों का इलाका नहीं है, बल्कि एक आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप के रूप में विकसित हो रहा है. संघों का कहना है कि मेट्रो जैसी तेज सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और सुनियोजित शहरी विकास से इसे बढ़ावा मिलना चाहिए.

