बुलढाणा :- राज्य के कई जिलों में मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी है, लेकिन मृग नक्षत्र शुरू होने के बावजूद बुलढाणा जिला अब भी अच्छी बारिश की प्रतीक्षा कर रहा है। मौसम में बदलाव और बादलों की आवाजाही के बावजूद पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसानों और आम नागरिकों में चिंता का माहौल है।
जिले के लाखों किसानों ने डीजल की कमी जैसी समस्याओं का सामना करते हुए खरीफ सीजन की तैयारी पूरी कर ली है। करीब 7.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई की तैयारी कर ली गई है, लेकिन बारिश नहीं होने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
बारिश की कमी के कारण जिले में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। वर्तमान में लगभग 91 हजार ग्रामीणों को टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले के 38 गांवों में 40 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है, जबकि 121 गांवों में 138 अधिग्रहित निजी कुओं के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यदि जल्द ही संतोषजनक वर्षा नहीं हुई तो आने वाले दिनों में जलसंकट और गंभीर रूप धारण कर सकता है। इस वर्ष भीषण गर्मी और बढ़ते वाष्पीकरण के कारण जिले के 51 छोटे-बड़े जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से घट रहा है। कई परियोजनाएं अब मृत भंडारण स्तर के करीब पहुंच चुकी हैं। देऊलगांव राजा तहसील के खडकपूर्णा बांध में केवल 51.69 मिलियन घनमीटर मृत जलसाठा शेष है। मेहकर के पेनटाकली परियोजना में 37.54 प्रतिशत और मोताला के नळगंगा परियोजना में 40 प्रतिशत जलसाठा बचा है।







